प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उठाए पॉक्सो केस पर गंभीर सवाल

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प्रयागराज। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे पॉक्सो (POCSO) आरोप अब एक नए विवाद में बदल गए हैं। शंकराचार्य ने दावा किया कि उनके खिलाफ मामला पूरी तरह प्रायोजित साजिश है और इसके समर्थन में उन्होंने मीडिया के सामने एक फोटो जारी की।

विवादित फोटो: पुलिस अधिकारी और शिकायतकर्ता के साथ केक कटाना

शंकराचार्य ने फोटो में दिखाया कि मुख्य शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज और प्रयागराज के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय पाल शर्मा एक साथ केक काटते नजर आ रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि जिस अधिकारी के हाथ में जांच की कमान है, वह खुद अपराधियों के साथ जश्न मना रहा है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

शंकराचार्य के पांच बड़े सवाल

  1. पुलिस ने डायरेक्ट FIR क्यों नहीं की?
  2. मामले की जांच का आधार क्या है?
  3. क्या पुलिस अधिकारी और शिकायतकर्ता का साथ जश्न निष्पक्ष जांच पर असर डालता है?
  4. 18 फरवरी की घटना की सीसीटीवी फुटेज क्या दिखाती है?
  5. जनता इस फोटो को देखकर क्या निष्कर्ष निकाल सकती है?

शंकराचार्य का दावा: मामला पूरी तरह साजिश

शंकराचार्य ने बताया कि 18 फरवरी की सुबह उन्हें संगम पर रोका गया और उसी शाम आशुतोष महाराज ने उनके शिष्य मुकुंदानंद पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि माघ मेले की भीड़ में ऐसा होना नामुमकिन था। यह फोटो और शंकराचार्य का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले ने प्रयागराज पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

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