बागी MLA की ‘घर वापसी’ या सियासी अफवाह? यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल

Manoj pandey Abhay singh Rakesh pratap singh

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों दो बड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं—पहला, समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी विधायकों की कथित घर वापसी की अटकलें और दूसरा, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पर लगे गंभीर आरोपों के बाद तेज हुई सियासत। दोनों ही मामलों ने प्रदेश की राजनीतिक फिजा को गरमा दिया है।

सपा के बागी विधायकों की वापसी: कयास या हकीकत?

2024 के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर भाजपा को समर्थन देने वाले सपा के सात विधायकों को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि ये विधायक अब सपा में वापसी की राह तलाश रहे हैं।

हालांकि, जिन प्रमुख नामों की चर्चा हो रही थी, उन्होंने खुद इन कयासों को खारिज कर दिया है।

  • मनोज पांडे (ऊंचाहार)
  • अभय सिंह (गोसाईंगंज)
  • राकेश प्रताप सिंह (गौरीगंज)

क्या बोले विधायक?

अभय सिंह ने सोशल मीडिया पर साफ कहा कि वे सपा में वापस नहीं जा रहे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें “प्रभु श्री राम मिल गए हैं और अब माया की जरूरत नहीं है।”

वहीं राकेश प्रताप सिंह ने इन खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि उनका “रोम-रोम राम भक्ति में है” और सपा में वापसी की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

इन बयानों के बाद फिलहाल घर वापसी की चर्चाओं पर विराम लगता नजर आ रहा है।

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