उत्तर प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ लिया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में चल रही तेज पछुआ हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए राज्य के कई हिस्सों में घने कोहरे और तापमान में तेज गिरावट की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के अनुसार तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों—कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच—में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है। इन इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई गई है
पछुआ हवाओं से बढ़ी ठंड
आईएमडी के ताजा अनुमान के मुताबिक प्रदेश में हवाओं की दिशा बदल गई है और करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली पछुआ हवाएं चल रही हैं। इन हवाओं के कारण अगले तीन दिनों के भीतर रात के तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के चलते लोगों को दिनभर ठिठुरन महसूस हो सकती है।
इन 6 जिलों में ‘बहुत घना कोहरा’
मौसम विभाग ने बताया कि 5 और 6 फरवरी को कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में ‘बहुत घना कोहरा’ छाए रहने की संभावना है। खासकर सुबह और देर रात के समय हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं।
पहाड़ों की बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों पर
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और पाले की खबरें भी सामने आई हैं। पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण ही उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में ठंड का दूसरा दौर शुरू हुआ है।
अगले 7 दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह गिरावट 4 डिग्री तक पहुंच सकती है। दिन में आसमान साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड बरकरार रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह के वक्त दृश्यता शून्य से 30 मीटर तक दर्ज की जा सकती है।




