खामोशी की गूंज: बोल-सुन नहीं सकती लखनऊ की सारा, ISC 12वीं में 98.70% लाकर पेश की मिसाल

लखनऊ: अक्सर कहा जाता है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो शारीरिक कमियां आपकी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बन सकतीं। इस बात को सच कर दिखाया है लखनऊ के क्राइस्ट चर्च कॉलेज की छात्रा सारा ने। हाल ही में घोषित हुए ISC (12वीं) के नतीजों में सारा ने 98.70% अंक हासिल कर न सिर्फ अपने कॉलेज, बल्कि पूरे शहर का नाम रोशन किया है।

बिना बोले और सुने रचा इतिहास

सारा की यह उपलब्धि इसलिए बेहद खास है क्योंकि वह न तो बोल सकती हैं और न ही सुन सकती हैं। अपनी इस चुनौती को सारा ने कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। किताबों को अपना दोस्त बनाकर उन्होंने दिन-रात मेहनत की और आज परिणाम सबके सामने है। सारा की इस सफलता ने साबित कर दिया कि मेहनत की भाषा शब्दों से कहीं ज्यादा ऊंची होती है।

लक्ष्य: देश की सेवा और IAS बनने का सपना

सिर्फ 12वीं के टॉपर्स में शामिल होना ही सारा की मंजिल नहीं है। सारा का सपना अब देश की सेवा करना है। वह एक IAS ऑफिसर बनना चाहती हैं। सारा का मानना है कि प्रशासनिक सेवा में जाकर वह समाज के उन वर्गों के लिए काम करना चाहती हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

खुशी से झूमे माता-पिता और अध्यापक

सारा की शानदार उपलब्धि पर क्राइस्ट चर्च कॉलेज में जश्न का माहौल है। सारा के शिक्षकों का कहना है कि वह शुरू से ही एक मेधावी और अनुशासित छात्रा रही हैं। वहीं सारा की माँ और पिता की आंखों में आज खुशी के आंसू हैं।

सारा की यह जीत उन हजारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो छोटी-छोटी बाधाओं से घबरा जाते हैं। सारा ने दिखा दिया है कि खामोशी के बीच भी सफलता का शोर मचाया जा सकता है।

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