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राजपीपला, नर्मदा। गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला स्थित प्राचीन हर्षसिद्धि माताजी मंदिर से ऐतिहासिक विरासत संरक्षण संस्था INTACH का बोर्ड हटाए जाने का मामला पुलिस थाने पहुंच गया है। INTACH के नर्मदा जिला कन्वीनर, राजपीपला के युवराज और मंदिर ट्रस्टी मानवेंद्रसिंह गोहिल ने राजपीपला पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, मंदिर परिसर में INTACH का बोर्ड मामलतदार की पूर्व अनुमति के बाद 3 अक्टूबर को लगाया गया था। संस्था मंदिर की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और जीर्णोद्धार से संबंधित कार्य कर रही है। आरोप है कि बोर्ड लगाए जाने के बाद उसे हटा दिया गया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।

मानवेंद्रसिंह गोहिल ने कहा, “मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिसको लेकर मैंने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।” उन्होंने पुलिस से मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करने, बोर्ड हटाने में शामिल लोगों की पहचान करने और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने बोर्ड को दोबारा स्थापित करने की भी मांग रखी है।
INTACH की सह-कन्वीनर विराजकुमारी जाडेजा ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था का किसी भी धार्मिक गतिविधि या मंदिर ट्रस्टियों के कामकाज में हस्तक्षेप करने का उद्देश्य नहीं है। संस्था का कार्य ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और उनके महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना है।
विराजकुमारी जाडेजा के अनुसार, इस तरह की घटनाओं से विरासत संरक्षण के कार्यों में बाधा उत्पन्न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
फिलहाल, मंदिर से INTACH का बोर्ड हटाए जाने को लेकर दी गई शिकायत के बाद मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट – शैशव राव


