समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य और रामपुर की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली रहे आज़म खान के गढ़ में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर में पूर्व बहुजन समाज पार्टी नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह सागर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपकर नए राजनीतिक संकेत दिए हैं।
माना जा रहा है कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब आज़म खान के जेल जाने के बाद रामपुर की सियासत का समीकरण बदलता नजर आ रहा है। पार्टी संगठन को मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के तहत यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है।
आज़म के गढ़ में अखिलेश का नया दांव
रामपुर में आज़म खान का कद हमेशा सबसे ऊंचा माना जाता रहा है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में समाजवादी पार्टी नेतृत्व ने संगठन में फेरबदल कर नई दिशा देने की कोशिश की है। सुरेंद्र सिंह सागर को जिम्मेदारी सौंपे जाने को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
नियुक्ति के बाद क्या बोले सुरेंद्र सिंह सागर?
नियुक्ति के बाद मीडिया से बातचीत में सुरेंद्र सिंह सागर ने आज़म खान के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि वे पार्टी नेतृत्व के निर्देशों पर काम करेंगे और संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास करेंगे।
बसपा और सपा की तुलना
सुरेंद्र सिंह सागर ने बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच वैचारिक अंतर पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम की बसपा अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और संगठनात्मक मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।
रामपुर की बदलती सियासत में यह नियुक्ति आगे किस तरह असर डालती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।




