लखनऊ में गोमती नदी पर जल्द शुरू होगी वाटर मेट्रो सेवा: ट्रैफिक और प्रदूषण से निजात का नया विकल्प

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जल परिवहन के क्षेत्र में बड़ी क्रांति आने वाली है। योगी सरकार गोमती नदी पर आधुनिक वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। यह परियोजना शहर के बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति

हाल ही में परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड के निदेशक संजय कुमार के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में गोमती नदी पर वाटर मेट्रो चलाने की तकनीकी संभावना पर विस्तार से चर्चा हुई। कोच्चि मेट्रो विशेषज्ञों ने तैयार की गई फीजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट पेश की, जिसमें नदी की गहराई, नेविगेशन सिस्टम और यात्री सुविधाओं का आकलन शामिल है।

यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके लिए सभी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। फीजिबिलिटी रिपोर्ट मंजूर होने के बाद अब इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट, पर्यावरण प्रभाव अध्ययन, टर्मिनल, जेट्टी निर्माण और बिजली व्यवस्था से जुड़ी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके बाद बजट स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।

फायदे और उम्मीदें

  • ट्रैफिक राहत: शहर की सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करेगा।
  • प्रदूषण नियंत्रण: इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड बोट्स से पर्यावरण अनुकूल परिवहन।
  • पर्यटन बढ़ावा: गोमती रिवरफ्रंट को आकर्षक बनाएगा, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
  • सस्ता और आरामदायक सफर: आम लोगों के लिए नया विकल्प।

अन्य शहरों में भी विस्तार

लखनऊ के अलावा इस परियोजना को प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लागू करने की योजना है। सफलता मिलने पर यमुना नदी (आगरा-मथुरा), रामगढ़ ताल (गोरखपुर), सुरहा ताल (बलिया) और गंगा नदी पर भी वाटर मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी।

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