उत्तर प्रदेश के आगरा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर दरोगा ने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में आरोपी की पत्नी और साले ने भी उसका साथ दिया।
65 वर्षीय रिटायर उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने अपनी ही 33 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी। घटना का मुख्य कारण था बेटी का प्रेम संबंध और शादी का विरोध।हत्या के बाद पत्नी के साथ शव को कार में रखकर इटावा के जसवंतनगर स्थित अपने ससुराल पहुंचा। यहां साले के बेटे को साथ लेकर शव को यमुना नदी में फेंक दिया। इसके बाद बेटी के लापता होने की कहानी गढ़ी गई और पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई, ताकि किसी को शक न हो।पिता ने 30 अक्टूबर 2025 को अपनी बेटी अंशु यादव को गुमशुदा बताया। उन्होंने मलपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
हालांकि, पुलिस को जांच के दौरान कई विरोधाभास मिले। पूछताछ सख्त हुई तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। पुलिस ने रिटायर दरोगा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पत्नी और साले की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला पारिवारिक विवाद और भावनात्मक गुस्से का गंभीर परिणाम है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।





