उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को Barabanki में आयोजित एक जनसभा के दौरान बाबरी ढांचे को लेकर कड़ा और स्पष्ट रुख रखा। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि “कयामत के दिन तक बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा” और जो लोग इस तरह की उम्मीद पाल रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि उनका सपना कभी पूरा नहीं होने वाला है।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में राम मंदिर आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को लेकर जो संकल्प लिया गया था, वह आज पूरा हो चुका है। “हमने कहा था—रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, और आज मंदिर अपने निर्धारित स्थान पर बन चुका है,” उन्होंने कहा।
सनातन और भारत पर साजिशों का जिक्र
सीएम योगी ने अपने संबोधन में सनातन धर्म और भारत को एक-दूसरे का पूरक बताया। उन्होंने कहा कि देश और सनातन को अलग नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री के अनुसार, भारत और सनातन दोनों पर अंदरूनी और बाहरी ताकतों की ओर से लगातार प्रहार हो रहे हैं, जिनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग देश के खिलाफ साजिशें रच रहे हैं, कुछ लोग अनजाने में उन साजिशों का हिस्सा बन रहे हैं, जबकि कुछ लोग स्वार्थवश इसके लिए “बिक” भी रहे हैं। ऐसे तत्वों से समाज को सावधान रहने की जरूरत है।
मुर्शिदाबाद प्रकरण के बाद बढ़ी सियासी हलचल
मुर्शिदाबाद प्रकरण के बाद बढ़ी सियासी हलचल
हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी ढांचे से जुड़े एक बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल देखी गई थी। इस मुद्दे को लेकर लखनऊ से मुर्शिदाबाद कूच का ऐलान भी हुआ था, जिसे प्रशासन ने रोक दिया। इसी पृष्ठभूमि में बाराबंकी में मुख्यमंत्री योगी का यह बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
बाबरी ढांचे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान अब प्रदेश की राजनीति से आगे निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन सकता है। आने वाले दिनों में इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।




