उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और जानलेवा गलन को देखते हुए राज्य सरकार ने छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में कक्षा 12वीं तक के स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
शासन के निर्देशों के तहत मौजूदा मौसम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि बच्चों को शीत लहर और घने कोहरे से होने वाले जोखिम से बचाया जा सके। जिला प्रशासन को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीत लहर को लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहें, जरूरतमंदों के लिए कंबल और अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए और सभी रैन बसेरों में आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध कराई जाएं।
मौसम विभाग ने 3 जनवरी को घने कोहरे को लेकर कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के दायरे में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और संभल सहित 45 से अधिक जिले शामिल हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम को देखते हुए सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और ठंड से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं।





