हमीरपुर में ऑनलाइन गेमिंग की लत बनी जानलेवा: महीनों तक मोबाइल चिपके रहने से युवक का मानसिक संतुलन बिगड़ा

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में मोबाइल फोन पर ऑनलाइन गेम खेलने की लत ने एक 20 वर्षीय युवक की जिंदगी को गंभीर खतरे में डाल दिया है। लगातार कई महीनों तक स्मार्टफोन पर गेम खेलते रहने के कारण युवक अमृत लाल का मानसिक स्वास्थ्य पूरी तरह बिगड़ गया। अचानक वह तेज आवाज में फिल्मी गाने, भोजपुरी गीत और भजन गाने लगा, साथ ही अजीबोगरीब हरकतें करने लगा, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया।

यह घटना राठ कस्बे के सिकन्दरपुरा मोहल्ले की है, जहां रहने वाला अमृत लाल पिछले एक साल से मोबाइल गेमिंग का कट्टर आदी बन चुका था। परिजनों ने कई बार समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। बीते कुछ दिनों से वह दिन-रात मोबाइल पर लगा रहता था, जिसके चलते नींद और खान-पान सब प्रभावित हो गया।

अचानक बिगड़ी हालत पर परिवार ने उसे तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राठ में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।

परिवार पर दोगुना सदमा

युवक के पिता रमेश वर्मा ने बताया कि उनका बेटा पिछले एक साल से गेमिंग में डूबा हुआ था। तीन हफ्ते पहले ही परिवार पर एक बड़ा दुख आया था, जब उनकी बेटी गायत्री की ससुराल में मौत हो गई। इस सदमे से उबरने से पहले ही बेटे की यह हालत देख परिवार पूरी तरह टूट चुका है।

बढ़ती समस्या:जिले में युवाओं में मानसिक रोग

हमीरपुर जिले में मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत तेजी से युवाओं को मानसिक बीमारियों की ओर धकेल रही है। साइको थेरेपिस्ट डॉ. नीता वर्मा के मुताबिक, रोजाना 4-8 घंटे या इससे ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करने से एंजायटी, डिप्रेशन और अन्य गंभीर मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं। हाल ही में सुमेरपुर में लगे मानसिक स्वास्थ्य शिविर में 160 लोगों की जांच में 22 लोग मानसिक रोगी पाए गए। सभी को मोबाइल का सीमित उपयोग करने की सलाह दी गई है।

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