नितिन नबीन सिन्हा का BJP अध्यक्ष बनना: पश्चिम बंगाल में TMC को चुनौती देने का गेमचेंजर? 27-30 लाख कायस्थ वोटरों पर फोकस

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 20 जनवरी 2026 को बिहार के पांच बार के विधायक नितिन नबीन को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है। 45 वर्षीय नितिन नबीन पार्टी के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। जेपी नड्डा के बाद यह पद संभालने वाले नबीन का नामांकन बिना किसी विरोध के स्वीकार किया गया, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेताओं ने उनका समर्थन किया। यह नियुक्ति पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत देती है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह खासकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए एक बड़ा सियासी दांव है।

कायस्थ बैकग्राउंड: बंगाल में भद्रलोक को लुभाने की रणनीति

नितिन नबीन चित्रगुप्तवंशी कायस्थ समुदाय से हैं, जो उत्तर प्रदेश, बिहार और खासकर पश्चिम बंगाल में प्रभावशाली है। बंगाल में कायस्थों की आबादी अनुमानित 27-30 लाख है, और यह भद्रलोक (कायस्थ, ब्राह्मण और वैद्य) समाज का प्रमुख हिस्सा है। भद्रलोक का वोट बैंक राज्य में 15-20% तक माना जाता है, जो शहरी और शिक्षित वर्ग में निर्णायक भूमिका निभाता है।

बंगाल के इतिहास में कायस्थों का दबदबा रहा है ज्योति बसु (23 साल) और बिधान चंद्र रॉय जैसे मुख्यमंत्री इसी समुदाय से थे। कोलकाता, हुगली, हावड़ा और उत्तर 24 परगना जैसे जिलों में कायस्थों की मजबूत उपस्थिति है। BJP की रणनीति साफ है नितिन नबीन के कायस्थ होने से भद्रलोक को भावनात्मक रूप से जोड़ना और उन्हें पार्टी के पक्ष में लाना, ताकि ममता बनर्जी की TMC के खिलाफ मजबूत चुनौती पेश की जा सके।

चार जिलों की 78 सीटें: जहां खेला होगा

2021 विधानसभा चुनाव में इन चार जिलों (कोलकाता, हुगली, उत्तर 24 परगना, हावड़ा) की कुल 78 सीटों पर BJP का प्रदर्शन कमजोर रहा था:

  • कोलकाता: 11 सीटें – TMC ने सभी जीतीं, BJP को 30% वोट मिले लेकिन कोई सीट नहीं।
  • हुगली: 18 सीटें – TMC 14, BJP 4।
  • उत्तर 24 परगना: 33 सीटें – TMC 28, BJP 5।
  • हावड़ा: 16 सीटें – TMC ने सभी जीतीं।

इन जिलों में भद्रलोक वोटरों का प्रभाव ज्यादा है। BJP का लक्ष्य है कि नितिन नबीन के नेतृत्व में कायस्थ-भद्रलोक वोटों को मजबूती से जोड़कर इन सीटों पर उलटफेर किया जाए। TMC “बंगाली बनाम बाहरी” का नैरेटिव चलाती है, ऐसे में कायस्थ बैकग्राउंड वाला अध्यक्ष TMC के इस नैरेटिव को कमजोर कर सकता है।

BJP के लिए बड़ा संकेत

  • युवा नेतृत्व: 45 साल की उम्र में अध्यक्ष बनना पार्टी में नई ऊर्जा और संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक है।
  • बंगाल 2026 में टारगेट: TMC 15 साल से सत्ता में है (2011, 2016, 2021 में बड़ी जीत), लेकिन BJP 2021 में 77 सीटें जीतकर मजबूत विपक्ष बनी। अब नितिन नबीन के साथ पार्टी भद्रलोक को टारगेट कर 2026 में सत्ता हथियाने की कोशिश करेगी।
  • कास्ट आउटरीच: कायस्थों का प्रभाव यूपी-बिहार में भी है, लेकिन बंगाल में यह सीधे चुनावी फायदे में बदल सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने नबीन को “बॉस” कहकर संबोधित किया और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सरलता और संगठन क्षमता की तारीफ की। यह नियुक्ति BJP के लिए 2026 के महत्वपूर्ण चुनावों (बंगाल, तमिलनाडु, असम आदि) से पहले संगठन को नया जोश देने वाला कदम माना जा रहा है।

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