गोरखपुर पुलिस ने 41 सदस्यों वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें 36 महिलाएं शामिल थीं। यह गैंग ऑटो में सवार अकेली महिलाओं को नकली सांप, बिच्छू या छिपकली दिखाकर घबराहट में गहने और सामान लूट लेता था। आरोपी विभिन्न जिलों के हैं और पुलिस ने उनके पास से लूट का सामान व नकली कीड़े बरामद किए।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने एक अनोखे तरीके से लूट करने वाले बड़े गिरोह को पकड़कर सनसनी फैला दी है। इस गैंग में मुख्य रूप से महिलाएं थीं, जिनकी संख्या 36 थी, जबकि 4 पुरुष और एक नाबालिग लड़की भी शामिल थी। कुल 41 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
यह गिरोह मुख्य रूप से ऑटो रिक्शा में यात्रा कर रही अकेली महिलाओं को निशाना बनाता था। धार्मिक स्थलों या पर्यटक जगहों के आसपास ये लोग शिकार तलाशते थे। मौका मिलते ही गैंग की महिलाएं ऑटो में सवार हो जातीं। फिर अचानक नकली सांप, बिच्छू या छिपकली फेंककर यात्री को डरा देती थीं। घबराहट में महिला के चिल्लाने या ध्यान भटकने पर ये लोग उसकी सोने की चेन, कान की बालियां या अन्य कीमती सामान छीन लेते थे। कई बार तो सुई या पिन चुभोकर भी ध्यान भटकाया जाता था। गैंग में शामिल कुछ ऑटो चालक भी इनके साथी होते थे, जो वारदात में मदद करते थे।
पुलिस की जांच में पता चला कि यह गिरोह गोरखपुर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, सिद्धार्थनगर और संत कबीर नगर जैसे जिलों से जुड़ा था। इनके कब्जे से एक चार पहिया वाहन, नकली कीड़े-मकोड़े, सुई-पिन, चाकू और अन्य औजार बरामद हुए हैं। पुलिस को शक था कि ये लोग मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर मेले में बड़ी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी की अगुवाई में कैंट और शाहपुर थाना पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस गैंग को धर दबोचा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरोह का खुलासा करते हुए एसपी ने बताया कि ज्यादातर वारदातें कैंट और शाहपुर क्षेत्र में हुईं। 40 वयस्क आरोपियों को जेल भेजा गया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह में रखा गया है। पूछताछ जारी है और गैंग के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। संभव है कि यह नेटवर्क अन्य शहरों तक भी फैला हो।





