‘मैं अंबेडकरवादी हूं, सनातनी नहीं…’ शहवाज संग शादी को लेकर सामने आई मेरठ की आकांक्षा गौतम, हिंदू संगठनों को दिया जवाब

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उत्तर प्रदेश के मेरठ में 13 फरवरी को होने वाली एक शादी को लेकर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया है। वजह यह है कि दूल्हा मुस्लिम है और दुल्हन आकांक्षा गौतम। शादी के कार्ड वायरल होने के बाद हिंदू संगठन सक्रिय हो गए हैं और इसे लव जिहाद का मामला बता रहे हैं। इसी बीच अब आकांक्षा गौतम खुद सामने आई हैं और पूरे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है।

कौन हैं आकांक्षा गौतम और शहवाज राणा?

मेरठ के गंगानगर इलाके की रहने वाली आकांक्षा गौतम एक बैंक में कार्यरत हैं। वहीं, उनके होने वाले पति शहवाज राणा उर्फ साहिल लीसाड़ी गेट क्षेत्र के निवासी हैं।
दोनों के बीच पिछले 6 सालों से रिश्ता है और दोनों परिवारों की रजामंदी से शादी की तैयारी चल रही थी। शादी के कार्ड भी छप चुके थे, लेकिन कार्ड वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया।

‘मैं हिंदू नहीं, बौद्ध हूं’— आकांक्षा का बड़ा बयान

विवाद बढ़ने के बाद आकांक्षा गौतम सामने आईं और उन्होंने साफ कहा—

“मैं सनातनी नहीं हूं। मैं अंबेडकरवादी हूं और बौद्ध धर्म को मानती हूं। यह शादी हिंदू-मुस्लिम नहीं बल्कि दो वयस्कों की आपसी सहमति से हो रही शादी है।”

आकांक्षा का कहना है कि वह शहवाज को पिछले छह सालों से जानती हैं, उनका घर आना-जाना है और पूरा परिवार इस रिश्ते से सहमत है। ऐसे में बाहरी संगठनों को इस शादी में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।

चाचा की एफआईआर पर क्या बोलीं आकांक्षा?

आकांक्षा के चाचा प्रेमचंद, जो सुभाष बाजार के रहने वाले हैं, उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है।
उनका आरोप है कि आकांक्षा को बहला-फुसलाकर फंसाया गया है और उसकी संपत्ति हड़पने की कोशिश हो रही है।

इस पर आकांक्षा ने पलटवार करते हुए कहा—

“मेरे चाचा का हमारे घर में कोई आना-जाना नहीं है। वे मुझे परेशान कर रहे हैं और संपत्ति को लेकर दबाव बना रहे हैं। मेरे प्रेमी को बदनाम किया जा रहा है।”

शादी पर दबाव और बुकिंग कैंसिल कराने के आरोप

आकांक्षा का कहना है कि शादी के खिलाफ जानबूझकर माहौल बनाया जा रहा है।
उनका आरोप है कि बैंकेट हॉल वालों पर बुकिंग कैंसिल करने का दबाव डाला जा रहा है और यह सब गुंडागर्दी है।

युवती ने साफ शब्दों में कहा कि यह मामला न तो लव जिहाद का है और न ही धर्म का।

“मैं शहवाज से ही शादी करूंगी, मेरा परिवार मेरे साथ है।”

पुलिस का क्या कहना है?

मेरठ पुलिस का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस कर रही है और किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

कार्ड वायरल होते ही बढ़ा विवाद

यह पूरा मामला तब सामने आया जब दोनों के शादी के कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसके बाद हिंदू संगठनों ने विरोध शुरू किया और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
अब आकांक्षा के सामने आने के बाद यह मुद्दा और भी सियासी और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है।

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