हर साल लाखों छात्र CBSE की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होते हैं और बेहतर अंक हासिल करने की उम्मीद रखते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में छात्र अच्छे नंबर लाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो 500 में से 499 या पूरे 500 में 500 अंक जैसी असाधारण उपलब्धि दर्ज कर लेते हैं।
पहली नजर में ये स्कोर ज्यादातर छात्रों को बेहद कठिन या लगभग असंभव लगते हैं। हालांकि, जब बोर्ड टॉपरों की तैयारी और पढ़ाई के तरीकों को समझा जाता है, तो साफ हो जाता है कि सही रणनीति और अनुशासन के साथ यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
CBSE टॉपरों की सफलता के पीछे कुछ बुनियादी लेकिन बेहद अहम बातें होती हैं। इनमें सबसे ऊपर है NCERT पुस्तकों पर पूरा भरोसा, स्मार्ट और उद्देश्यपूर्ण पढ़ाई, नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच। श्रृष्टि शर्मा, रुद्र प्रताप सिंह और सावी जैन जैसे टॉपरों की कहानियां यही बताती हैं कि सही दिशा में की गई मेहनत असाधारण नतीजे दे सकती है।
टॉपरों का स्टडी स्टाइल क्या होता है?
CBSE के टॉपर सिर्फ ज्यादा घंटे पढ़ाई नहीं करते, बल्कि सही तरीके और फोकस के साथ पढ़ते हैं। उनकी तैयारी आमतौर पर दो प्रभावी तरीकों पर आधारित होती है।
पहला तरीका है इन-डेप्थ स्टडी। इस श्रेणी के छात्र किताबों के साथ लंबे समय तक जुड़े रहते हैं, खासतौर पर NCERT पुस्तकों के साथ। उनका फोकस रटने के बजाय हर विषय और कॉन्सेप्ट को गहराई से समझने पर होता है। यही वजह है कि वे परीक्षा में किसी भी तरह के सवालों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर पाते हैं।
दूसरा तरीका है सटीक और फोकस्ड तैयारी। इसमें छात्र लंबे समय तक पढ़ने के बजाय छोटे लेकिन बेहद केंद्रित स्टडी सेशन करते हैं। उनकी पढ़ाई का हर मिनट एक स्पष्ट लक्ष्य के साथ होता है। यह तरीका साबित करता है कि लगातार स्मार्ट वर्क, लंबे समय तक की गई सामान्य मेहनत से ज्यादा असरदार हो सकता है।
टॉपरों का अनुभव यही कहता है कि सही योजना, नियमित रिविजन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी छात्र बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकता है।




