मंदिरों की स्वतंत्रता के लिए देवकी नंदन महाराज की जोरदार अपील, मुहिम में जल्द कामयाबी होगी!

कथा वाचक और धर्माचार्य देवकी नंदन महाराज ने सोमवार को दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में कहा कि मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त कराया जाएगा।उन्होंने बताया कि जनता भी यही चाहती है और लोग धीरे-धीरे सनातन पथ पर लौट रहे हैं।महाराज ने कहा,“हम लोग चाहते हैं कि सनातन बोर्ड का गठन हो। इस मांग को लेकर मुहिम चल रही है और उम्मीद है कि एक दिन कामयाबी जरूर मिलेगी।”

अगर मुसलमान होते तो समर्थन मिलता

सनातन बोर्ड पर लोगों का समर्थन मिलने के सवाल पर देवकी नंदन महाराज ने कहा कि“अगर मैं मुसलमान या क्रिश्चियन होता, तो समर्थन मिल जाता। मगर मैं हिंदू हूं और सनातन धर्म की बात कर रहा हूं। जितना समर्थन मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा। लेकिन उम्मीद है कि एक दिन इसे भी मिलेगी।”

हिंदू जागरण अभियान आगरा में क्यों

हिंदू जागरण अभियान को लेकर सवाल पर महाराज ने कहा कि फिलहाल उनका संदेश मथुरा और उसके आसपास पहुंचाया जा रहा है।“मथुरा तो हमारा है। जब चाहेंगे वहां काम करेंगे। अभी आसपास लोगों तक संदेश पहुंचाने पर फोकस है।”

शस्त्र और शास्त्र हमारे हैं

हाल ही में उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें वह लाठी लेकर ब्रज परिक्रमा करते नजर आए।इस पर महाराज ने कहा,“शस्त्र और शास्त्र हमारे हैं। ऋषि-मुनि और हमारे देवता इसे रखते हैं। शस्त्र और शास्त्र से डर सिर्फ उसी को लगता है जो अधर्म के रास्ते पर चलता है।”उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि“वृंदावन में बंदर बहुत हैं। जीवन में और कोई बंदर परेशान न करे, इसके लिए लाठी होना जरूरी है।”

मंदिरों के पैसे का सही इस्तेमाल

देवकी नंदन महाराज ने मंदिरों पर सरकार के अधिपत्य को लेकर कहा कि यही कारण है कि सनातन बोर्ड की मांग की जा रही है।“यह सिर्फ एक मंदिर का मुद्दा नहीं है, बल्कि सभी मंदिरों की स्वतंत्रता का सवाल है।जहां जनता ज्यादा जाएगी और पैसा ज्यादा आएगा, वहां योजना बनाने वाले उस पैसे का इस्तेमाल अपने हिसाब से करेंगे, धर्म में उसका चवन्नी भी नहीं जाएगा।हम यह प्रयास तब तक करेंगे जब तक जीवित हैं।”

देवकी नंदन महाराज का कहना है कि सनातन बोर्ड की स्थापना केवल धार्मिक अधिकारों और मंदिरों की आज़ादी के लिए है।उनका उद्देश्य है कि हिंदू समाज संगठित होकर धर्म और मंदिरों के प्रबंधन में अपनी आवाज बुलंद करे।


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