इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: बिना मालिक की अनुमति जमीन गिरवी नहीं, किसान के हक की जीत

लखनऊ: “सच देर से सही, लेकिन जीतता जरूर है” — यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है और इस बार जीत किसान की हुई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में साफ कर दिया कि किसी भी जमीन को उसके असली मालिक की अनुमति के बिना गिरवी नहीं रखा जा सकता।

मामला उस जमीन से जुड़ा था जिसे कुछ साल पहले रियल एस्टेट कंपनी Ansal API ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के पास गिरवी दर्शा दिया था। हालांकि, संबंधित जमीन के असली मालिक किसानों ने न तो इस पर हस्ताक्षर किए थे और न ही किसी प्रकार की अनुमति दी थी।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि संबंधित एग्रीमेंट में केवल बैंक से लोन लेने की बात कही गई थी, जबकि LDA कोई बैंक नहीं है। इसलिए बिना मालिक की सहमति जमीन को गिरवी दिखाना कानूनी रूप से सही नहीं माना जा सकता।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में पूर्व आदेश को रद्द करते हुए निर्देश दिया कि रिकॉर्ड से गिरवी की एंट्री हटाई जाए।

कोर्ट के इस फैसले को केवल एक कानूनी निर्णय ही नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और सम्मान की महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है। हक किसान का था और अंततः जीत भी उसी की हुई।

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