इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता,पूर्व सांसद और उत्तर प्रदेश की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान को सरकारी जमीन पर बने मकान को गिराने के मामले में बड़ी राहत दी है और उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक लगाई है। पूरा मामला सन 2007 का है जिसके तहत रामपुर के गंज थाने मे आजम के विरुद्ध मुक़दमा दर्ज हुआ था। इस केस में वादी मुक़दमा अफसर खान की 2017 में मृत्यु हो गई थी, उनके बेटे ने 17 साल बाद 2024 में फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ पेटीशन दाखिल की थी ।
वर्तमान समय मे आजम खान सीतापुर जेल में बंद है ।

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हालांकि आजम खान के खिलाफ अग्रिम विवेचना जारी रहेगी आजम खान की तरफ़ से अधिवक्ता इमरान उल्ला और मोहम्मद खालिद ने पक्ष रखा तो वही दूसरी तरफ सरकार की तरफ से अपरर महाधिवक्ता ने दलीलें पेश की।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षो की दलील सुनने के बाद सपा नेता आज़म खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी ।
जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की डिवीजन बेंच ने यह आदेश दिया है।
बीते दिनों रामपुर की एमपी मिली कोर्ट ने भी शत्रु संपत्ति के एक मामले में आजम खान के परिवार को बड़ी राहत दी थी जिसके तहत उनकी पत्नी और बड़े बेटे की जमानत याचिका को मंजूर किया गया था ।