समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ‘सैंतीस जिताएंगे सत्ताइस’, और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पीडीए सरकार बनाने की अपील की।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सपा प्रमुख का यह संदेश संगठन को मजबूती देने और सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति का हिस्सा है। अखिलेश यादव लगातार पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग की एकजुटता पर जोर देते रहे हैं।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस तरह के संदेशों के जरिए कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने और आगामी चुनावी तैयारियों को धार देने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश यादव का यह बयान सपा की भविष्य की राजनीतिक दिशा को भी संकेत देता है।
अखिलेश यादव ने अपने संदेश में कहा कि सभी मिलकर पीडीए सरकार बनाएंगे और पीडीए का परचम पूरे देश में लहराया जाएगा। उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पोस्ट के साथ साझा की गई तस्वीरों में समाजवादी पार्टी के नेता, सांसद, विधायक और पदाधिकारी एक बैठक के दौरान एकजुट नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि सपा प्रमुख का यह संदेश पार्टी के संगठन को धार देने और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने की रणनीति का हिस्सा है। अखिलेश यादव लगातार पीडीए—पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग—की एकजुटता पर जोर देते रहे हैं और इसे अपनी राजनीति का केंद्र बताते आए हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सपा नेतृत्व जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और सामाजिक समीकरणों को साधने की दिशा में सक्रिय है। हाल के दिनों में अखिलेश यादव लगातार बैठकों, संदेशों और कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘सैंतीस जिताएंगे सत्ताइस’ जैसे नारे के जरिए सपा नेतृत्व आगामी चुनावों के लिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। यह संदेश न सिर्फ पार्टी के भीतर बल्कि विपक्षी खेमे में भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।




