कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट केस में अब ऐसा मोड़ आ गया है, जिसने आरोपी शिवम मिश्रा के बचाव पक्ष की दलीलों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर शिवम मिश्रा के वकील मृत्युंजय कुमार यह दावा कर रहे हैं कि हादसे के वक्त लैंबॉर्गिनी कार शिवम नहीं बल्कि उसका ड्राइवर चला रहा था, वहीं दूसरी ओर घटना के वक्त का वायरल वीडियो इस दावे की पोल खोलता नजर आ रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाउंसर जिस शख्स को ड्राइविंग सीट से बाहर निकाल रहे हैं, वह शिवम मिश्रा ही है।
वायरल वीडियो ने खोली वकील की दलील की पोल
हादसे के तुरंत बाद का जो वीडियो सामने आया है, उसमें किसी भी निजी ड्राइवर की मौजूदगी नजर नहीं आती।
वीडियो में बाउंसर सीधे ड्राइवर सीट का दरवाजा खोलते हैं और जिस युवक को बाहर निकाला जाता है, उसकी पहचान शिवम मिश्रा के रूप में हो रही है। यही नहीं, पुलिस भी आधिकारिक तौर पर यह कह चुकी है कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या आरोपी को बचाने के लिए जानबूझकर ‘ड्राइवर थ्योरी’ गढ़ी जा रही है?
शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही पुलिस कार्रवाई
इस हाई-प्रोफाइल मामले में शुरुआत से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।
पहले एफआईआर की कॉपी में शिवम मिश्रा का नाम नहीं था, जिससे हंगामा मचा। बवाल बढ़ने के बाद उसका नाम जोड़ा गया। इसके बाद एक वीडियो सामने आया जिसमें पुलिस शिवम मिश्रा के घर का दरवाजा खटखटाती दिखी, लेकिन अंदर से किसी ने दरवाजा तक नहीं खोला।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह शक और गहरा कर दिया कि कहीं मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं हो रही। बाद में थाना अध्यक्ष को लाइन हाजिर किया गया, जिससे पुलिसिया लापरवाही की पुष्टि और मजबूत हुई।
कोर्ट पहुंचते ही बदली कहानी
जब मामला कोर्ट तक पहुंचा, तब शिवम मिश्रा के वकील ने मीडिया के सामने दावा किया कि हादसे के वक्त कार उनका ड्राइवर चला रहा था।
लेकिन घटनास्थल के वीडियो, चश्मदीदों के बयान और पुलिस की शुरुआती जांच इस दावे से मेल नहीं खा रही।
यही वजह है कि अब यह सवाल आम हो गया है—अगर शिवम ड्राइविंग सीट पर नहीं था, तो फिर बाउंसर किसे बाहर निकाल रहे थे?
क्या है पूरा लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामला?
कानपुर के करोड़पति तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा रविवार दोपहर करीब 3:15 बजे रेव-3 मॉल के पास से गुजर रहा था।
इसी दौरान उसकी करोड़ों रुपये की लैंबॉर्गिनी बेकाबू हो गई और पहले एक ऑटो को टक्कर मारी, फिर एक रॉयल एनफील्ड बाइक को कुचल दिया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तौफीक अहमद करीब 10 फीट हवा में उछलकर दूर जा गिरे। उनके पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हुए हैं।
इस हादसे में कुल 6 लोग घायल हुए, जिनमें से कई अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।
अब कोर्ट तय करेगा सच क्या है
फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। एक तरफ वायरल वीडियो और पुलिस का दावा है, दूसरी तरफ बचाव पक्ष की ड्राइवर थ्योरी।
अब सबकी नजर अदालत पर टिकी है कि सच सामने आता है या रसूख के आगे कानून कमजोर पड़ता है।




