समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव सोमवार को अचानक इटावा के जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उनके साथ बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) अश्विनी कुमार भी मौजूद थे। यह मुलाकात बीएलओ के साथ कथित मारपीट और मतदाता सूची में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों को लेकर हुई।
बीएलओ अश्विनी कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा के मंडल अध्यक्ष ध्रुव कठेरिया और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और जूता मारा। उन्होंने यह भी कहा कि उन पर ‘फॉर्म-7’ पर जबरन हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया और मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की गई। फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जाता है।
शिवपाल यादव ने प्रशासन के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि सत्ता पक्ष से जुड़े लोग बीएलओ और बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) को धमका रहे हैं, ताकि मनमाने ढंग से वोट कटवाए जा सकें और मतदाता सूची में हेरफेर हो। उन्होंने कहा कि वे कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठने का इरादा लेकर आए थे।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर भाजपा नेताओं की कथित गुंडागर्दी पर तुरंत रोक नहीं लगी और बीएलओ को डराने-धमकाने का सिलसिला बंद नहीं हुआ, तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरना देने को मजबूर होंगे।
इस दौरान शिवपाल यादव की जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लंबी बातचीत हुई। उन्होंने मांग की कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए।
इटावा के जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने पूरे मामले की जांच कराने और बीएलओ से मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। डीएम ने यह भी कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




