मां का साया उठा, पिता ने छोड़ा… जालौन की जन चौपाल में 8 साल की राधिका ने DM-SP के सामने बयां किया दर्द, अधिकारियों ने लिया बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में आयोजित एक जन चौपाल उस वक्त भावुक क्षणों का गवाह बन गई, जब 8 साल की एक मासूम बच्ची अपनी पीड़ा लेकर सीधे मंच पर पहुंच गई। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सामने रोती हुई बच्ची की आपबीती सुनकर वहां मौजूद हर कोई स्तब्ध रह गया।

जालौन में इन दिनों शासन के निर्देश पर जन चौपालों का आयोजन किया जा रहा है, जहां प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। इसी क्रम में विकास खंड रामपुरा के गांव कंझारी की पंचायत में जन चौपाल आयोजित की गई थी। मंच पर जिलाधिकारी और एसपी मौजूद थे और ग्रामीण अपनी शिकायतें रख रहे थे।

अचानक मंच पर पहुंची मासूम

कार्यक्रम के दौरान अचानक एक 8 साल की बच्ची मंच पर चढ़ गई। वह बिना किसी झिझक के सीधे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची। बच्ची का नाम राधिका बताया गया। उसकी आंखों में आंसू थे और आवाज सिसकियों से भरी हुई थी।

राधिका ने सुनाई अपनी दर्दभरी कहानी

राधिका ने अधिकारियों को बताया कि उसकी मां का निधन हो चुका है, जबकि उसके पिता उसे छोड़कर कहीं चले गए हैं। इस तरह वह पूरी तरह अनाथ और बेसहारा हो गई है। बच्ची ने अपनी दबी हुई आवाज में कहा कि उसके पास अब कोई सहारा नहीं है और वह बेहद मुश्किल हालात में जिंदगी गुजार रही है।

अधिकारियों का भावुक हुआ मन, लिया अहम फैसला

मासूम की बात सुनकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दोनों भावुक हो गए। जन चौपाल का माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह बदल गया। अधिकारियों ने बच्ची की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित विभागों को निर्देश दिए और उसकी मदद के लिए जरूरी कदम उठाने का फैसला लिया।

प्रशासन की ओर से राधिका को संरक्षण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उसे आगे किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।

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