प्रयागराज के माघ मेला 2026 में मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान पर्व अब चरम पर पहुंचने वाला है, जहां मेला प्रशासन को साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने की उम्मीद है। इस भारी भीड़ को सुचारू रूप से संभालने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसमें आज रात 12 बजे से सोमवार दोपहर 12 बजे तक शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। सिर्फ मेला से जुड़े वाहनों को ही अनुमति मिलेगी, जबकि अन्य सभी ट्रकों, बसों और हैवी व्हीकल्स को विभिन्न दिशाओं से आने-जाने के लिए वैकल्पिक रूट पर मोड़ा जाएगा। दिल्ली-कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, बांदा, रीवा, जौनपुर जैसे प्रमुख मार्गों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं, जैसे बक्सर मोड़, लालगंज, भूपियामऊ, रानीगंज, मुंगरा बादशाहपुर, जौनपुर होते हुए वाराणसी रिंग रोड या अन्य वैकल्पिक बाईपास। शहर की सीमाओं पर मंदर मोड़, पूरामुफ्ती गेट, बमरौली, सहसों चौराहा, सोरांव-नवाबगंज बाईपास जैसे कई पॉइंट्स पर सख्त नो एंट्री लागू रहेगी।
भीड़ प्रबंधन और अतिरिक्त इंतजाम
भीड़ प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र को नौ सर्किलों में बांटा गया है, जहां 16 होल्डिंग एरिया और करीब 250 हेक्टेयर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। अतिरिक्त स्नान घाट ‘काली पार्ट-2’ का विस्तार किया गया है, और लखनऊ-अयोध्या से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नागवासुकि क्षेत्र में अलग स्नान की सुविधा तैयार की गई है ताकि मुख्य संगम पर दबाव कम हो। शुक्रवार को ही 15 से 30 लाख लोगों ने स्नान किया, जिसमें कल्पवासी भी बड़ी संख्या में शामिल थे, और अब शनिवार-रविवार की छुट्टियों के कारण भीड़ में और इजाफा होने की संभावना है। एआई आधारित सर्विलांस, जल यातायात, पांटून पुल, अग्निशमन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की सभी योजनाएं मजबूत की गई हैं। खास बात ये कि इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो स्नान, व्रत और पूजा को बेहद फलदायी बना देगा।




