मायावती का 70वां जन्मदिन: जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया, प्रेस कॉन्फ्रेंस में शॉर्ट सर्किट से अचानक रुकी बैठक!

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती आज अपना 70वां जन्मदिन मना रही हैं। पार्टी कार्यकर्ता इस अवसर को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में धूमधाम से मना रहे हैं। मायावती ने अपने जन्मदिन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने नववर्ष की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि आज दूसरी पार्टियां उनकी पुरानी योजनाओं की नकल कर रही हैं बस नाम और थोड़ा स्वरूप बदलकर केंद्र व प्रदेश सरकारें चला रही हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक हॉल में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे बैठक में अफरा-तफरी मच गई। मायावती ने मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना ही वहां से निकल गईं। यह घटना वायरल हो रही है।

मायावती ने क्या कहा?

योजनाओं की नकल: मेरी सरकार की योजनाओं को नाम और स्वरूप बदलकर लागू किया जा रहा है, लेकिन लाभ हर पात्र तक नहीं पहुंच पा रहा।

संतों-महापुरुषों के नाम पर स्थल: हमारी सरकार ने संतों और महापुरुषों के नाम पर कई स्थल बनाए, विरोधी पार्टियां इसकी नकल कर रही हैं।

विरोधियों पर तंज: विरोधियों की स्थिति “मुंह में राम, बगल में छुरी” वाली है।

समाजवादी पार्टी पर निशाना: सपा सरकार में गुंडों, माफियाओं का बोलबाला था। दलितों पर अत्याचार हुए, मुझ पर हमला हुआ, प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध किया गया। मुस्लिम समाज को भी धोखा दिया – यही PDA की असलियत है। हमने यादवों का भी सम्मान किया, पक्षपात नहीं किया।

ब्राह्मण समाज को संदेश: ब्राह्मणों को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए, किसी का बाटी-चोखा नहीं खाना चाहिए। ब्राह्मणों पर अत्याचार न हो, इसके लिए BSP सरकार जरूरी है। हमने ब्राह्मणों को हमेशा प्रतिनिधित्व दिया।

वर्तमान सरकार पर हमला: कानून-व्यवस्था खराब है, जनता असंतुष्ट है। दलितों और उपेक्षितों को BSP सरकार की जरूरत है। यूपी की जनता BSP को सत्ता में वापस लाना चाहती है।

गठबंधन पर साफ स्टैंड: गठबंधन से BSP को नुकसान ज्यादा, फायदा कम होता है। अभी किसी से गठबंधन नहीं करेंगे। जब अपर कास्ट का वोट ट्रांसफर होगा और जातिवादी मानसिकता खत्म होगी, तब विचार करेंगे इसमें वर्षों लगेंगे।

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