90 के दशक से कांग्रेस उत्तर प्रदेश मे हाशिये पर है कांग्रेस का विधानसभा चुनावो मे ग्राफ गिरता रहा , उत्तर प्रदेश में वेंटिलेटर पर खड़ी कांग्रेस को समय-समय पर ऑक्सीजन देने का काम कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा किया गया राज बब्बर , अजय लल्लू , प्रियंका गांधी, अजय राय , जैसे चेहरों की प्रदेश अध्यक्ष और अन्य बड़े पद पर नियुक्ति करके कांग्रेस ने कई राजनीतिक दावा पेंच अजमाए लेकिन 90 के दशक से यूपी में हाशिये पर खड़ी कांग्रेस के लिए फिर से मुख्य धारा की राजनीति में आना कड़ी चुनौती साबित हो रही है यही वजह है कि आज दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस की बड़ी बैठक है l
बैठक को राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी संबोधित करेंगे इस दौरान यूपी के सभी महानगर व जिलाध्यक्षों से कांग्रेस के बड़े नेता संवाद भी करेंगे पार्टी मिशन 2027 के लिए तैयारी में जुटी है ऐसे में खरगे और राहुल गांधी का आज जिला अध्यक्ष महानगर अध्यक्षों से संवाद बेहद अहम माना जा रहा हैl
लोकसभा चुनाव मे मिली संजीवनी
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन संतोषजनक रहा पार्टी ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा इन 17 सीटों में कांग्रेस पार्टी को 6 सीटों पर सफलता मिली कांग्रेस पार्टी भली भांती इस बात को जानती है कि समाजवादी पार्टी से गठबंधन उनकी बड़ी सफलता का बड़ा कारण है l यही वजह है कि कांग्रेस 2027 के चुनाव में ऐसी तैयारी के साथ उतरना चाहती है कि अगर किसी भी स्थिति में कांग्रेस का समाजवादी पार्टी से गठबंधन नहीं होता है तो कांग्रेस धरातल पर इतनी मजबूत हो कि विधानसभा की दो सीटें जीतने वाली कांग्रेस को कम से कम सम्माजनक सफलता मिले और एक बार फिर से यूपी में सत्ता में वापसी करें कांग्रेस इस समय उत्तर प्रदेश में अजय राय के नेतृत्व में सड़कों पर संघर्ष कर रही है लोग ऐ भी चर्चा करते हैं कि कांग्रेस की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है लेकिन अब यह बदलाव परिणाम में कब तक तब्दील होगा जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस आगे क्या करेगी कांग्रेस के चुनावी रणनीति क्या होगी समाजवादी पार्टी के पीडीए की तरह कांग्रेस भी जाति समीकरण पर कितना काम करेगी आज की बैठक में एजेंडा तय होगा l
गुटबाजी बड़ी चुनौती राहुल भी स्वीकार करते हैं
कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी कोई नई बात नहीं है कांग्रेस में आपसी कलह वजह से कई बार पार्टी को कई राज्यों में सत्ता मिलते मिलते रह गई है हरियाणा और मध्य प्रदेश इसका उदाहरण है कांग्रेस वह गलती यूपी में नहीं दोहराना चाहती है हालांकि प्रमोद तिवारी जैसे दिग्गजों को यूपी की राजनीति से दूर रखना कांग्रेस के लिए नुकसानदेह हो सकता है कांग्रेस सूत्रों की माने तो राज बब्बर प्रमोद तिवारी इमरान प्रतापगढ़ी अजय राय अजय राय लालू प्रमोद माथुर आराधना मिश्रा मोना जैसे दिग्गज नेताओं को कांग्रेस 2027 के चुनाव के पहले बड़ी जिम्मेदारी देकर कांग्रेस खुद को धरातल पर मजबूत करने की तैयारी में है अब देखने वाली बात होगी कि आज दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की बड़ी बैठक से कांग्रेस में क्या बदलाव होता है l