
अमेठी पुलिस ने जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा और सख्त अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में पिछले 11 महीनों के दौरान जिले भर में चलाए गए सघन अभियान में करीब सात करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कुल 185 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अभियान के दौरान नशा कारोबार में सक्रिय और बार-बार अपराध में लिप्त पाए गए 17 आरोपियों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट की कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इन अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर कुर्क करने की तैयारी में जुटी है, जिससे नशा तस्करों पर आर्थिक दबाव और बढ़ाया जा सके।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 1 जनवरी से 30 नवंबर के बीच जिले में मादक पदार्थों से जुड़े कुल 173 मामले दर्ज किए गए हैं। संगठित रूप से नशा तस्करी में लिप्त गिरोहों पर शिकंजा कसते हुए आठ आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि एक आरोपी पर पिट एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के उद्देश्य से पुलिस ने अवैध नशा कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर भी सख्त कदम उठाए हैं। अब तक एक करोड़ 14 लाख 13 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, जिसे पुलिस नशा तस्करों के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मान रही है।
अभियान के दौरान पुलिस ने 6.954 किलोग्राम स्मैक बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ 95 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 120.940 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख 23 हजार 500 रुपये बताई गई है। पुलिस ने 0.155 किलोग्राम मारफीन, 0.112 किलोग्राम चरस और 200 किलोग्राम डोडा पोस्त भी बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल संगठित गिरोहों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चेकिंग अभियान, गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।





