यीदा का सबसे बड़ा बुलडोजर एक्शन: राया हेरिटेज सिटी में 7 अवैध निर्माण ध्वस्त, निर्माणाधीन मंदिर भी गिराया; भू-माफिया को कड़ी चेतावनी!

मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीदा) ने अवैध अतिक्रमण और भू-माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। बुधवार को प्राधिकरण की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में राया हेरिटेज सिटी के वृंदावन कट से पानीगांव संपर्क मार्ग पर एक दर्जन से ज्यादा बुलडोजरों के साथ धावा बोला। कुल सात अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, जिनमें एक निर्माणाधीन मंदिर भी शामिल था। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया, क्योंकि मंदिर से जुड़े भावनात्मक मुद्दे हमेशा संवेदनशील होते हैं।

यीदा के ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने कार्रवाई का नेतृत्व करते हुए स्पष्ट किया कि इन सभी अतिक्रमणकारियों को पहले ही कई बार नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में निर्माण तुरंत रोकने और अवैध कब्जा हटाने के सख्त निर्देश दिए गए थे। लेकिन भू-माफिया और कुछ स्थानीय कब्जाधारियों ने न सिर्फ अनदेखी की, बल्कि निर्माण कार्य तेज कर दिए। ओएसडी ने मौके पर ही एक अन्य अवैध बिल्डिंग को सीज करने और दोषी व्यक्तियों/ग्रुप्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘राया हेरिटेज सिटी’ को बचाने और ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए की गई है।”

राया हेरिटेज सिटी क्या है?

राया हेरिटेज सिटी यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे मथुरा जिले में प्रस्तावित एक मेगा प्रोजेक्ट है, जो यीदा फेज-2 मास्टर प्लान 2031 का हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट ब्रज की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को आधुनिक टच के साथ विकसित करने का लक्ष्य रखता है। इसमें हेरिटेज पार्क, वेलनेस सेंटर, योगा-आयुर्वेद हब, कन्वेंशन सेंटर, ग्रीन पार्क, टूरिस्ट फैसिलिटी और रिवरफ्रंट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पहले फेज में ही 735 एकड़ में विकास होगा, जिस पर 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो चुका है और यीडा खुद हाउसिंग क्लस्टर विकसित करेगा (हाइब्रिड/पीपीपी मॉडल पर विचार)। यह क्षेत्र वृंदावन और मथुरा के करीब है, इसलिए अवैध कॉलोनियां और निर्माण प्रोजेक्ट की रफ्तार में सबसे बड़ी बाधा बन रहे थे।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा इंतजाम

प्रशासन ने किसी भी विरोध या तनाव से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी की थी। सैकड़ों पुलिसकर्मी, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात रहे। अतिक्रमणकारियों में अफरा-तफरी मची, लेकिन कोई बड़ा विरोध नहीं हुआ। यीडा अधिकारियों ने दोहराया कि हेरिटेज सिटी की मास्टर प्लान के दायरे में आने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।

यीदा की बड़ी चेतावनी और अपील

ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने कहा, “यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति के कोई भी प्लॉटिंग, कॉलोनी या निर्माण बचेगा नहीं।” उन्होंने आम जनता से अपील की: “भू-माफियाओं के झांसे में आकर अवैध कॉलोनियों में पैसा न लगाएं। आपका निवेश डूब जाएगा और निर्माण ध्वस्त हो जाएगा। केवल यीडा की अधिकृत योजनाओं में ही निवेश करें।”

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