उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लोढ़ी टोल प्लाज़ा पर एक महिला अधिवक्ता और उनके साथ मौजूद लोगों के साथ टोलकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट की गई। इस घटना में महिला अधिवक्ता समेत दो महिलाओं और एक पुरुष को चोटें आई हैं। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला अधिवक्ता आरती पांडे अपने साथियों के साथ ओबरा जा रही थीं। आरोप है कि उनकी गाड़ी टोल प्लाज़ा पर काफी देर तक लाइन में खड़ी रही। देरी का कारण जानने के लिए जब उनके एक साथी ने टोलकर्मी से बातचीत की, तो वहां मौजूद कर्मचारी नाराज हो गए। कहासुनी शुरू हुई और कुछ ही देर में मामला धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गया।
महिला अधिवक्ता का आरोप है कि जब उन्होंने अपने साथी को बचाने की कोशिश की, तो टोलकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस दौरान बाल पकड़कर घसीटने और हाथापाई करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना में अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंची और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला अधिवक्ता की तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है, जबकि टोल प्लाज़ा पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सामान्य है।
इस घटना ने एक बार फिर टोल प्लाज़ा पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां टोल भुगतान को लेकर हुए विवाद के बाद एक अधिवक्ता के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं टोल प्रबंधन, सुरक्षा इंतज़ाम और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर गंभीर चिंता पैदा कर रही हैं। बाराबंकी और अब रॉबर्ट्सगंज की घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि टोल प्लाज़ा पर विवाद की स्थिति में नियमों और कानून का पालन प्रभावी ढंग से क्यों नहीं हो पा रहा।




