नई दिल्ली: Varun Gandhi और Narendra Modi की हालिया मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। लंबे समय से भाजपा से नाराज बताए जा रहे वरुण गांधी ने पहली बार प्रधानमंत्री से मुलाकात की तस्वीर साझा की, जिसके बाद सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।
तस्वीर में वरुण गांधी के साथ उनकी पत्नी यामिनी रॉय और बेटी भी नजर आ रही हैं। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पीलीभीत से उनका टिकट कटने के बाद पार्टी के साथ उनके रिश्तों में दूरी की खबरें सामने आ रही थीं।
टिकट कटने के बाद बढ़ी थी दूरी
बताया जाता है कि पिछले लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से टिकट कटने के बाद वरुण गांधी और भाजपा के बीच संबंधों में खटास आ गई थी। वहीं उनकी मां Maneka Gandhi भी सुल्तानपुर सीट से चुनाव हार गई थीं। इसके बाद से यह परिवार पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए नजर आ रहा था।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा थी कि वरुण गांधी किसी अन्य दल का रुख कर सकते हैं, लेकिन इस मुलाकात ने उन अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
सोशल मीडिया पोस्ट से दिया संकेत
वरुण गांधी ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलकर आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने पीएम मोदी के प्रति सम्मान जताते हुए इस मुलाकात को खास बताया।
इस पोस्ट को सियासी संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों के बीच रिश्तों में नरमी आ सकती है।
बंगाल चुनाव से भी जोड़ी जा रही कड़ी
इस मुलाकात को आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, वरुण गांधी की पत्नी यामिनी रॉय गांधी का संबंध पश्चिम बंगाल से बताया जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ऐसे चेहरों को आगे ला सकती है, जिनका स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव हो। ऐसे में वरुण गांधी का “बंगाली कनेक्शन” पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
क्या बदलेगा सियासी समीकरण?
इस मुलाकात के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वरुण गांधी की भाजपा में सक्रिय वापसी होगी या यह सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट थी। फिलहाल, इस एक तस्वीर ने सियासत में कई नए समीकरणों की चर्चा को जन्म दे दिया है।




