उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से 32,679 पदों पर कॉन्स्टेबल भर्ती (Constable Recruitment 2026) की अधिसूचना जारी होते ही आयु सीमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी भर्ती में हुई देरी का हवाला देते हुए आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट की मांग कर रहे हैं। यह विरोध अब सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक देखने को मिल रहा है।
नोटिफिकेशन के मुताबिक, सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 18 से 22 वर्ष तय की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सिविल पुलिस, पीएसी और जेल वॉर्डर जैसे पदों पर भर्तियां कई वर्षों बाद आई हैं। खास तौर पर कोरोना काल और प्रशासनिक देरी के कारण बड़ी संख्या में योग्य युवा बिना परीक्षा दिए ही ओवरएज हो गए हैं।
क्या है अभ्यर्थियों की मुख्य मांग
आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों का तर्क है कि पीएसी और जेल वॉर्डर की भर्तियां लगभग सात साल बाद हो रही हैं। ऐसे में सरकार को सभी वर्गों के लिए कम से कम 3 साल की अतिरिक्त आयु छूट देनी चाहिए, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं को अवसर मिल सके। उनका कहना है कि देरी के लिए अभ्यर्थी जिम्मेदार नहीं हैं, फिर भी नुकसान उन्हें ही उठाना पड़ रहा है।
सियासी हलकों में भी उठा मुद्दा
इस भर्ती को लेकर सत्तारूढ़ दल के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं। निषाद पार्टी के विधायक अनिल त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग की है। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का खामियाजा युवाओं को क्यों भुगतना पड़े।
यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती
कुल पद: 32,679
आवेदन शुरू: 31 दिसंबर 2025
आवेदन की अंतिम तिथि: 30 जनवरी 2026
प्रमुख पद: सिविल पुलिस, पीएसी, जेल वॉर्डर, स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) और महिला बटालियन
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष का रुख





