केंद्रीय बजट 2026-27: काशी से सेमीकंडक्टर तक, यूपी को कनेक्टिविटी और उद्योग में बड़ी सौगात

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

केंद्रीय बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश एक बार फिर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में साफ तौर पर नजर आ रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार नौवीं बार बजट पेश करते हुए यूपी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, उद्योग और रोजगार से जुड़े कई बड़े ऐलान किए हैं

बजट में सबसे बड़ा फोकस काशी यानी वाराणसी पर दिखा। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि वाराणसी में अंतर्देशीय जलमार्गों के तहत पानी के जहाज़ों की मरम्मत के लिए एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। गंगा नदी के जरिए कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने की इस योजना से वाराणसी को लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट के नए केंद्र के तौर पर विकसित करने की दिशा में कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश को कनेक्टिविटी के मोर्चे पर भी बड़ी सौगात मिलने की बात कही गई है। बजट में प्रदेश को करीब 1,500 किलोमीटर लंबे दो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर मिलने का जिक्र है। पहला कॉरिडोर दिल्ली से वाराणसी के बीच होगा, जबकि दूसरा वाराणसी से सिलिगुड़ी को जोड़ेगा। इससे पूर्वांचल समेत पूरे राज्य की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्वास्थ्य और सामाजिक ढांचे को लेकर भी बजट में यूपी के लिए अहम संकेत दिए गए हैं। जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव है और सभी जिलों में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर खोले जाने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना का भी जिक्र किया गया है, जिससे छात्राओं की शिक्षा तक पहुंच आसान हो सके जिससे छात्राओं की शिक्षा तक पहुंच आसान हो सके।
शहरी विकास के लिहाज़ से भी उत्तर प्रदेश पर खास ध्यान दिया गया है। पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को 12.2 लाख करोड़ रुपये के पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर के जरिए डेवलप करने का प्रस्ताव है। इस कैटेगरी में लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर समेत करीब 25 शहर शामिल बताए जा रहे हैं। साथ ही छोटे तीर्थ स्थलों के विकास की भी बात कही गई है।

उद्योग और रोजगार के मोर्चे पर, केंद्र सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत का ऐलान किया है। नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने का दावा किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे यूपी हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के नक्शे पर मजबूत स्थिति बना सकेगा।
हालांकि बजट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट को “समझ से बाहर” बताते हुए कहा कि यह सिर्फ सपने दिखाने वाला बजट है और इसमें शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था का हवाला देते हुए बजट की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।

वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि इस बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए कुछ खास नहीं है। उनका कहना है कि पहले परिवार मिलकर बजट देखा करता था, लेकिन इस बार आम लोगों के लिए उम्मीद की कोई ठोस वजह नजर नहीं आती।

मायावती का कहना है कि केंद्र सरकार का बजट “विकास से ज्यादा प्रचार पर केंद्रित” है
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह बजट आम आदमी के हितों से कटे हुए है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नहीं दिया गयाकांग्रेस नेताओं ने कहा कि

“अगर वाकई ऐसा बजट होता, जिसमें गरीब, मेहनतकश और निचले तबके को आगे बढ़ने के मौके मिलते, तो उसी बजट से चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता था। लेकिन मौजूदा बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है।”

कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के लिहाज़ से कई बड़े ऐलान मिले हैं। सरकार इसे विकास का रोडमैप बता रही है, जबकि विपक्ष इसे ज़मीनी हकीकत से दूर करार दे रहा है। अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि ये घोषणाएं कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से जमीन पर उतरती हैं।

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