उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में धर्म बदलवाने और जबरन विवाह का एक गंभीर आरोप सामने आया है। दुद्धी क्षेत्र के बघाडू गांव की एक आदिवासी युवती, जिसका मूल नाम पिंकी था, अब कथित रूप से आफरीन हो गई है। आरोप है कि अनपरा इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति आजम ने उसे धोखे से फंसाया और पहले से दो पत्नियां होने के बावजूद उससे निकाह कर लिया।
युवती के पिता अशर्फीलाल ने मीडिया के सामने गुहार लगाते हुए बताया कि उनकी बेटी की पहले दुद्धी के कटौंधी गांव में शादी हुई थी। लेकिन 2022 में आजम ने उसे बहला-फुसलाकर घर से भगा लिया और पिता के विरोध के बावजूद जबरन निकाह कर धर्म बदलवा दिया।
2022 का पुराना मामला फिर सुर्खियों में
यह घटना वर्ष 2022 की बताई जा रही है। अशर्फीलाल के अनुसार, 10 मई 2022 को उनकी बेटी पिंकी की शादी हुई थी। इसके मात्र दो महीने बाद, 3 जुलाई 2022 को आजम ने उसे जबरन घर से ले गया। पिता ने 8 जुलाई 2022 को दुद्धी थाने में आजम, उसके भाई आलम और चाचा बशीर के खिलाफ अपहरण और अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि पुलिस ने युवती को बालिग मानते हुए मात्र 42 दिन में 20 अगस्त 2022 को केस बंद कर दिया।
पिंकी अपने छह भाई-बहनों में पांचवें नंबर की थी। आरोप है कि आजम ने उसे प्रलोभन देकर अपने प्रभाव में लिया और विरोध के बावजूद निकाह रचा लिया।
आजम की पहले दो शादियां
दावों के अनुसार, आजम ने इससे पहले झारखंड के गढ़वा जिले की इशरत और महुली क्षेत्र की रेबुन्निशा से विवाह किया था। कनहर परियोजना के विस्थापन लाभ में भी एक अन्य नाम रजिया का उपयोग किया गया।
रजिया से जुड़े जमीन के सौदों में भी विवाद सामने आया है। तहसीलदार कोर्ट के 2016 के आदेश के मुताबिक, बघाडू गांव की कुछ जमीन परियोजना के नाम ट्रांसफर हुई थी। बाद में रजिया ने दावा किया कि उन्होंने जमीन बेची नहीं, बल्कि रिश्तेदारों को दान दी। उन्होंने खुद को मूल रूप से हिंदू (पनिका जाति) और पहले नाम दुलरिया बताया, साथ ही 46 साल पहले कोर्ट मैरिज का जिक्र किया।
हाल ही में कुछ जमीनें दिल्ली और अन्य जगहों के लोगों के नाम ट्रांसफर होने के मामले भी जांच के घेरे में हैं। नायब तहसीलदार कोर्ट ने ऐसे ट्रांसफर को मंजूरी दी, लेकिन इनकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग
भाजपा जिला अध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि बघाडू सहित अन्य क्षेत्रों में ऐसे कितने मामले हैं, इसकी सूची बनाई जा रही है और मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाई जाएगी।
दुद्धी के एसडीएम निखिल यादव ने बताया कि जमीन संबंधी फर्जीवाड़े की जांच चल रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। सीओ राजेश कुमार राय ने कहा कि पुराना मामला जांच में है और नई शिकायत आने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियां मामले की छानबीन में जुटी हैं। आदिवासी समाज में इस घटना से आक्रोश है और जमीन हड़पने की साजिश के आरोप भी लग रहे हैं।





