शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी और धार्मिक हलकों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रयागराज माघ मेले के दौरान हुए विवाद के बाद बिना स्नान किए प्रयागराज छोड़ चुके शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अब अपना शिविर वाराणसी में लगा लिया है। इसी बीच राम नगरी अयोध्या से उनके लिए एक सख्त चेतावनी जारी की गई है।
प्रयागराज विवाद के बाद वाराणसी में डेरा
जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज माघ मेले के दौरान हुए विवाद के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने वहां रुकने के बजाय वाराणसी का रुख किया। फिलहाल उनका शिविर वाराणसी में चल रहा है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के साथ भी उनके मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
अयोध्या से जारी हुई चेतावनी
इसी बीच अयोध्या से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर कड़ा संदेश सामने आया है। साफ शब्दों में कहा गया है कि अगर वह अयोध्या आने की कोशिश करते हैं तो उन्हें राम नगरी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस चेतावनी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर यह सख्त रुख किसने अपनाया है।
किसने दी शंकराचार्य को चेतावनी?
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को यह चेतावनी अयोध्या के जगद्गुरु परमहंसाचार्य की ओर से दी गई है। परमहंसाचार्य ने स्पष्ट कहा है कि जब तक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक उन्हें अयोध्या में प्रवेश नहीं मिलेगा।
निंदा के साथ रखी शर्त
परमहंसाचार्य ने इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों और रवैये की कड़ी निंदा भी की। उन्होंने दो टूक कहा कि अयोध्या की मर्यादा सर्वोपरि है और किसी भी हालत में उसे ठेस पहुंचाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद वाराणसी में मौजूद हैं और अयोध्या को लेकर जारी इस चेतावनी के बाद अब उनकी अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं





