उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कांधला थाना क्षेत्र के गढ़ी दौलत गांव में फारुख नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी ताहिरा और दो नाबालिग बेटियों आफरीन व सहरीन की हत्या कर दी। आरोपी ने तीनों शवों को घर के आंगन में शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे में दफना दिया। यह वारदात 10 दिसंबर की रात की बताई जा रही है, जिसकी जानकारी 5 से 6 दिन बाद मिली।
हत्या की वजह: बुर्का न पहनकर मायके जाना
पुलिस पूछताछ में फारुख ने कबूल किया कि उसकी पत्नी ताहिरा करीब एक महीने पहले रुपयों को लेकर झगड़े के बाद बिना बुर्का पहने मुजफ्फरनगर के नारा गांव स्थित अपने मायके चली गई थी। फारुख शादी के बाद से पत्नी को सख्ती से पर्दे में रखता था और वह कभी बिना बुर्के के बाहर नहीं निकली थी। इस घटना से उसकी ‘इज्जत खराब’ होने की बात से गुस्साए फारुख ने बदला लेने की ठान ली।
मायके से लौटने के बाद 10 दिसंबर की रात फारुख ने चाय के बहाने पत्नी को जगाया और गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर जागी बड़ी बेटी आफरीन को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। छोटी बेटी सहरीन गला घोंट दिया ताकि कोई गवाह न बचे। इसके बाद तीनों शवों को घर में ही खोदे गए गड्ढे में दफना दिया।
कैसे हुआ खुलासा?
फारुख के पिता दाउद ने जब बेटे से पत्नी-बेटियों के बारे में पूछा तो वह टाल-मटोल करता रहा। कहा कि उन्हें शामली में किराए के मकान में रखा है। संदेह होने पर दाउद ने पुलिस में शिकायत की। पूछताछ में फारुख के बयानों में विरोधाभास मिला, सख्ती से पूछने पर उसने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खुदाई शुरू की और शव बरामद किए।
गांव में दहशत, हंगामा और मांग
खुलासे के बाद गांव में दहशत का माहौल है। आरोपी को थाने ले जाते समय मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने हंगामा किया और पुलिस हिरासत से छुड़ाकर पीटने का प्रयास किया। पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति संभाली।
मृतका के पिता अमीर ने फारुख को फांसी की सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिर्फ फारुख ही नहीं, अन्य लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं क्योंकि इतना बड़ा गड्ढा खोदना और शव दफनाना एक व्यक्ति के बस की बात नहीं। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

पुलिस ने फारुख को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।





