उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता शारिक साटा पर अब प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस और राजस्व विभाग ने उनकी बहुमूल्य संपत्ति कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई 21 जनवरी 2026 को हुई, जिसमें भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही।
घटना का पृष्ठभूमि: क्या हुआ था 24 नवंबर 2024 को?
संभल की शाही जामा मस्जिद (Shahi Jama Masjid) के सर्वे के दौरान कोर्ट के आदेश पर टीम पहुंची थी। सर्वे के विरोध में भड़की हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई, जिसमें गोलीबारी शामिल थी। चार हत्या के मामले दर्ज किए गए, जबकि पुलिसकर्मियों पर भी हमला हुआ और कई घायल हुए। जांच में पाकिस्तान और अमेरिका से बने खोखे (कारतूस के खोल) बरामद हुए, जिससे मामला अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर मुड़ गया। एसआईटी (Special Investigation Team) की जांच में शारिक साटा और उसके गिरोह का नाम सामने आया।
शारिक साटा कौन है? अपराध की पूरी कुंडली
शारिक साटा संभल के दीपा सराय (नखासा थाना क्षेत्र) का निवासी है, लेकिन वह कई सालों से दुबई में फरार है। पुलिस के अनुसार:
- वह भारत का बड़ा अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर (ऑटो लिफ्टर) है।
- हथियार, सोना और नकली नोट की तस्करी में शामिल रहा है।
- पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से संपर्क का आरोप।
- दिल्ली में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
- संभल हिंसा में उसने विदेश से साजिश रची, हथियार उपलब्ध कराए
- और शहर में अशांति फैलाने की कोशिश की ताकि कर्फ्यू लगे और माहौल बिगड़े।
उसके तीन गुर्गे – मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस – ने बवाल के दौरान गोलियां चलाईं, जिससे आम लोगों की मौत हुई। इन तीनों को गिरफ्तार किया गया, हथियार बरामद हुए और मुल्ला अफरोज पर NSA (National Security Act) के तहत भी कार्रवाई हुई।
कुर्की की कार्रवाई: कोर्ट का आदेश और विवरण
शारिक साटा के खिलाफ मुख्य अपराध संख्या 340/24 और 306/24 में हत्या की साजिश, बवाल भड़काने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज हैं। धारा 209 BNS (पुरानी CrPC 82-83 के समकक्ष) के तहत तीन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद, वह कोर्ट में पेश नहीं हुआ, इसलिए भगोड़ा घोषित किया गया।
कोर्ट के आदेश पर:
- उसकी चार मंजिला बिल्डिंग (शहर के सबसे महंगे इलाकों में से एक) की उस मंजिल को अटैच किया गया, जो उसकी मिल्कियत है।
- तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि केवल फरार आरोपी की हिस्सेदारी वाली संपत्ति कुर्क की गई है।
- भारी पुलिस फोर्स और राजस्व टीम मौके पर तैनात रही।
- यह कार्रवाई न्यायालय में हाजिर न होने पर संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
पुलिस ने पहले से ही गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी संपत्ति (2 करोड़ से ज्यादा की) जब्त की है। आगे रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने और प्रत्यर्पण की कोशिशें चल रही हैं।
पुलिस का दावा: पुलिस हत्या की साजिश थी
एसपी के अनुसार, शारिक साटा ने दुबई से बैठकर पूरी साजिश रची। उसका मकसद पुलिसकर्मियों की हत्या कर शहर में बड़े पैमाने पर अशांति फैलाना था। जांच में सर्विलांस, विशेषज्ञ टीम और पूछताछ से यह राज खुला।
यह कार्रवाई संभल में कानून-व्यवस्था बहाल करने और अपराधियों पर सख्ती का संदेश दे रही है। शारिक साटा अब भी फरार है, लेकिन उसकी संपत्ति पर शिकंजा कसने से दबाव बढ़ गया है।




