लखीमपुर खीरी में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों से मची अफरा-तफरी, पंपों पर लंबी कतारें; प्रशासन बोला—तेल की कोई कमी नहीं

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मध्य पूर्व में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पेट्रोल और डीजल को लेकर अफवाहों ने लोगों में घबराहट पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर फैली खबरों के बाद बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे कई जगह लंबी कतारें लग गई हैं।

हालात ऐसे हैं कि लोग सिर्फ अपनी गाड़ियों की टंकियां ही नहीं भरवा रहे, बल्कि 50-50 लीटर के गैलन और लोहे के ड्रम लेकर भी पेट्रोल पंपों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। कई स्थानों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली तक पेट्रोल पंपों की लाइनों में लगी हुई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर अचानक भीड़ बढ़ गई है।

दरअसल सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संभावित युद्ध के कारण भारत में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका के चलते लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल और डीजल जमा करने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि सरकारी सूत्रों के मुताबिक देश में तेल की सप्लाई को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है। भारत के पास पर्याप्त कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार (स्ट्रैटेजिक रिजर्व) मौजूद है, जिससे कम से कम दो महीने तक देश की जरूरतें पूरी की जा सकती हैं।

इसके अलावा भारत केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है। रूस सहित कई अन्य देशों से भी लगातार कच्चे तेल की आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। फिलहाल जो स्थिति दिखाई दे रही है, वह सप्लाई की समस्या नहीं बल्कि ‘पैनिक बाइंग’ यानी घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी का परिणाम है।

लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा करने से दूसरों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें आपात स्थिति में इसकी जरूरत पड़ती है। इसलिए लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की जा रही है।

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