बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया, जिसे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में रखा। विधेयक पेश होते ही इस पर तीखी बहस छिड़ गई। इस दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लेकर योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
महाकुंभ और ईद पर पाबंदी का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने महाकुंभ से लेकर हाल ही में संपन्न हुई ईद पर विभिन्न जिलों में लगाई गई पाबंदियों का जिक्र करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“महाकुंभ में बिना तैयारी के 100 करोड़ लोगों को बुला लिया गया। लेकिन वहां 1000 हिंदू लोग खो गए, कहां गए वो? महाकुंभ में कितने लोगों की जान गई, ये सबको पता है!”
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उपचुनाव में धांधली का आरोप
अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर उपचुनाव का जिक्र करते हुए फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद की ओर इशारा करते हुए कहा,”चुनाव तो इन्होंने देखा है, लेकिन वोट ही नहीं डालने दिया गया!”
ईद पर पाबंदियों का मुद्दा
सपा प्रमुख ने कहा कि ईद के मौके पर सभी धर्मों के नेता जाते हैं, लेकिन इस बार पाबंदियां लगाई गईं। उन्होंने वक्फ विधेयक का विरोध करते हुए कहा,”समाजवादी पार्टी इस बिल का पूरी तरह विरोध करती है।”
बीजेपी पर तंज, अध्यक्ष पद को लेकर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान बीजेपी के आंतरिक मामलों पर भी तंज कसते हुए कहा,”बीजेपी के अंदर मुकाबला चल रहा है कि सबसे खराब हिंदू कौन है। खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहने वाले अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष तक नहीं चुन पाए!”
अमित शाह का करारा जवाब
इस पर जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,”मेरे सामने जितनी भी पार्टियां हैं, उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कुछ परिवारों के लोग ही करेंगे। लेकिन हमें 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया के तहत चुनना होता है, इसलिए इसमें समय लगता है।”अमित शाह ने अखिलेश पर चुटकी लेते हुए कहा,”आपके मामले में ज्यादा समय नहीं लगेगा, क्योंकि मैं कह रहा हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष बने रहेंगे!”