Rishabh Pant की चोट ने उठाए क्रिकेट व्यवस्था पर गंभीर सवाल

Rishabh Pant's injury raises serious questions on the cricket system

इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में टीम इंडिया के विकेटकीपर- बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने वो कर दिखाया जो शायद ही कोई कर पाता टूटे पैर के साथ मैदान पर लौटकर न सिर्फ बल्लेबाज़ी की, बल्कि अर्धशतक भी पूरा किया। इस अदम्य साहस की क्रिकेट जगत में जमकर तारीफ हो रही है, लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का कहना है कि अब समय आ गया है कि टेस्ट क्रिकेट में नियमों को बदला जाए।

Indian Cricketer Rishab Pant

दरसल, माइकल वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में लिखा टूटा हुआ पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना अद्भुत था। लेकिन यह खेल के लिए सही नहीं है। ऋषभ दौड़ नहीं पा रहे थे। इससे उनकी चोट और बिगड़ सकती थी। टेस्ट क्रिकेट को पुराने जमाने के नियमों से बाहर आना चाहिए। वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर, अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए।’

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