लखनऊ में दुर्लभ सर्जरी से बदली युवती की जिंदगी, डबल यूटेरस और डबल वजाइना के जन्मजात केस का सफल इलाज!

लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में डॉक्टरों की टीम द्वारा की गई दुर्लभ सर्जरी, जिससे जन्मजात बीमारी से पीड़ित युवती को नया जीवन मिला।

क्या है पूरा मामला

Lucknow Rare Surgery Case: लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में डॉक्टरों ने एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल जन्मजात बीमारी से पीड़ित युवती का सफल ऑपरेशन कर नया जीवन दिया है। युवती जन्म से ही डबल यूटेरस (दो बच्चेदानी) और डबल वजाइना (दो योनि) की समस्या से जूझ रही थी। सर्जरी से पहले उसे पेशाब और शौच पर कोई नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब ऑपरेशन के बाद वह सामान्य जीवन जी पा रही है।
जन्मजात समस्याओं ने बना दी थी जिंदगी मुश्किल
बलिया की रहने वाली इस युवती को बचपन से ही पेशाब पर नियंत्रण नहीं था, जिसके कारण उसे लंबे समय तक डायपर का सहारा लेना पड़ता था। उम्र बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर होती गई और शौच से जुड़ी दिक्कत भी सामने आने लगी। परिवार ने कई जगह इलाज कराया, लेकिन कहीं राहत नहीं मिली। आखिरकार परिजन उसे लखनऊ के लोहिया संस्थान लेकर पहुंचे।
जांच में सामने आईं तीन गंभीर समस्याएं
विस्तृत जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि युवती को तीन बड़ी जन्मजात समस्याएं थीं। उसके शरीर में दो बच्चेदानी और दो योनियां थीं, पेशाब की नलिकाएं गलत स्थान पर खुल रही थीं और गुदा मार्ग योनि के बेहद पास था। इन्हीं कारणों से उसे रोजमर्रा के जीवन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

विशेषज्ञों की टीम ने संभाली जिम्मेदारी

लोहिया संस्थान के यूरोलॉजी विशेषज्ञ प्रो. ईश्वर राम धायल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस जटिल मामले को अपने हाथ में लिया। गहन जांच और योजना के बाद सर्जरी को तीन चरणों में करने का फैसला किया गया।
पहले चरण में गुदा मार्ग को सही स्थान पर लाने का ऑपरेशन किया गया। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण में पेशाब पर नियंत्रण बहाल करने के लिए जटिल सर्जरी की गई।
तीनों चरणों में मिली सफलता
प्रो. ईश्वर राम धायल के अनुसार, तीनों चरणों की सर्जरी पूरी तरह सफल रही। अब युवती को पेशाब और शौच दोनों पर नियंत्रण मिल चुका है और वह सामान्य दिनचर्या जी पा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यह न केवल चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण मामला था, बल्कि प्रदेश के दुर्लभ मामलों में से एक भी है।
परिवार को मिली बड़ी राहत
सर्जरी की सफलता के बाद युवती और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। वर्षों से चली आ रही शारीरिक और सामाजिक परेशानियों से अब उसे राहत मिल गई है। डॉक्टरों ने बताया कि इस तरह के जन्मजात मामलों में सर्जरी बेहद संवेदनशील होती है, लेकिन पूरी मेडिकल टीम के समन्वय से यह इलाज संभव हो सका।

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