गोरखपुर में आयोजित रामकथा के दौरान मशहूर कथा वाचक राजन जी महाराज को भारी अव्यवस्था और हंगामे का सामना करना पड़ा। खुद महाराज ने मंच से बताया कि कथा के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई और उनकी टीम के सदस्यों को खुलेआम गोली मारने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि 16 साल की कथा यात्रा में पहली बार इस तरह की घटना सामने आई है, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।
महाराज के अनुसार, कथा स्थल पर हालात इतने बिगड़ गए कि मंच पर चढ़ना तक रोकना पड़ा। उन्होंने बताया कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने उनकी टीम को डराने-धमकाने की कोशिश की और कहा गया कि “गोली मार देंगे।” इस घटना को लेकर उन्होंने मंच से नाराज़गी जाहिर की और कहा कि गोरखपुर उनका अपना घर है, ऐसे में यहां इस तरह की घटना होना उन्हें सबसे ज्यादा पीड़ा देता है।
धमकी के साथ-साथ राजन जी महाराज ने अवैध वसूली का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पिछले करीब एक महीने से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उनसे मिलने के नाम पर लोगों से 1100 रुपये लिए जा रहे हैं। इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे दुनिया में कहीं भी रामकथा करें, मिलने के लिए कभी कोई पैसा नहीं लेते। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलने का समय दोपहर में एक घंटे के लिए तय होता है और उस दौरान हर किसी के लिए दरवाजा खुला रहता है।
घटना के बाद महाराज ने भक्तों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए अब सख्ती जरूरी है। उन्होंने आग्रह किया कि जो श्रद्धालु एक बार उनसे मिल चुके हैं, वे दोबारा न आएं, ताकि बाकी लोगों को भी मिलने का अवसर मिल सके।
मंच से भावुक संबोधन के दौरान राजन जी महाराज ने चुनौती भरे अंदाज़ में कहा, “मां का दूध पिया है तो मार के दिखाओ। हम प्रेम से कथा गाने आए हैं और चाहते हैं कि लोग भी उसी प्रेम से कथा सुनें।” उन्होंने यह भी कहा कि देवरिया, सिवान और गोरखपुर उनका अपना क्षेत्र है, लेकिन इतने वर्षों में ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा।




