लखीमपुर खीरी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। भाजपा विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने डॉक्टरों पर जमकर भड़ास निकाली और कहा – ‘मुझे शर्म आती है कि मेरे जिले में हार्ट का एक भी डॉक्टर नहीं है।’ यह बयान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ईसानगर में गर्भवती महिला की मौत के बाद दिया गया, जहां डॉक्टरों की कथित लापरवाही सामने आई है।
मामला ईसानगर पीएचसी का है। ग्राम शिवपुर निवासी रामकिशुन की पत्नी रामावती (40) नौ महीने की गर्भवती थीं। मंगलवार दोपहर प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल ले गए। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी एक घंटे तक कोई डॉक्टर या स्टाफ ध्यान नहीं दिया। महिला एम्बुलेंस में ही तड़पती रहीं।
आखिरकार एम्बुलेंस में ही डिलीवरी हो गई, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण रामावती की मौत हो गई। नवजात बच्चा अभी पीएचसी में भर्ती है। परिजनों ने डॉक्टर एए खान और एएनएम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। मौत की खबर फैलते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही धौरहरा से भाजपा विधायक विनोद शंकर अवस्थी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले परिजनों को सांत्वना दी और मौत का कारण पूछा। लापरवाही की बात सामने आते ही विधायक भड़क गए। डॉक्टरों से बोले – ‘क्या आप महिला की जिंदगी लौटा पाओगे?’ स्टाफ खामोश हो गया।
विधायक ने सीएचसी अधीक्षक से रजिस्टर मंगवाकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के नाम चेक किए और लापरवाही करने वालों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता से फोन पर बात कर मामले की जांच कराई। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ की अगुआई में दो सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जो तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेगी।
13 साल से जिले में नहीं हार्ट स्पेशलिस्ट विधायक ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। करीब 40 लाख आबादी वाले लखीमपुर खीरी में 2012 से हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। विधायक बोले – कई बार विधानसभा में मुद्दा उठाया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह ने कहा कि यह महिला का छठा प्रसव था और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। स्टाफ ने रेफर करने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।




