लखनऊ: उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की मजबूत रणनीति अपनाई है। उन्होंने पार्टी मुख्यालय में एक अनोखा प्रयोग शुरू किया है, जिसके तहत कार्यकर्ताओं को अधिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं और बड़े-बड़े अधिकारियों की मेजों को हटाकर उनकी जगह अतिरिक्त कुर्सियां लगाई गई हैं। यह बदलाव स्पष्ट संदेश देता है कि अब पार्टी में “कार्यकर्ता सर्वप्रथम” का फॉर्मूला पूरी तरह लागू होगा।
पंकज चौधरी, जो केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भी हैं, ने प्रदेश अध्यक्ष पद संभालते ही त्रिकोण मॉडल (Triangle Model) लागू करने की घोषणा की है। यह मॉडल तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है:
- संगठनात्मक अनुशासन और मजबूती
- विकास योजनाओं की जमीनी निगरानी और क्रियान्वयन
- जनता से प्रत्यक्ष संवाद और समन्वय
इस मॉडल के तहत प्रदेश अध्यक्ष ने जोर दिया है कि संगठन सर्वोपरि रहेगा। कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे और पार्टी कार्यालय को कार्यकर्ता-केंद्रित बनाया जाएगा। बड़े-बड़े अधिकारियों की मेजें हटाकर कार्यकर्ताओं के लिए जगह बढ़ाई गई है, ताकि वे आसानी से आकर अपनी बात रख सकें।
मासिक समीक्षा तंत्र की शुरुआत
प्रत्येक जिले में मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, जहां सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं और वोटर्स तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रगति की समीक्षा होगी। यदि कोई कमी पाई गई तो तुरंत सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने पर फोकस
2027 के चुनाव से पहले पार्टी की रणनीति स्पष्ट है – कार्यकर्ताओं की कोई भी नाराजगी नहीं रहनी चाहिए। पार्टी फोरम पर ही पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपनी बात खुलकर रख सकेंगे। हालांकि, पार्टी लाइन के खिलाफ जाने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अनुशासन बनाए रखना इस नई व्यवस्था का मुख्य आधार होगा।
पंकज चौधरी का यह नया प्रयोग यूपी भाजपा को और अधिक जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद, विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और संगठन की मजबूती से पार्टी 2027 में फिर से बड़ी जीत की ओर अग्रसर होने की तैयारी कर रही है।
यह बदलाव न केवल कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर रहा है, बल्कि यह संकेत भी दे रहा है कि भाजपा अब “कार्यकर्ता सर्वोपरि” के सिद्धांत पर पूरी तरह काम करेगी।




