PAC स्थापना दिवस: सीएम योगी बोले, कानून का राज ही यूपी में आत्मविश्वास की सबसे बड़ी वजह

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएसी बल के स्थापना के 78 गौरवशाली वर्षों पर जवानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पीएसी प्रदेश में कानून-व्यवस्था की रीढ़ है। यह बल न केवल कानून व्यवस्था बल्कि आपदा प्रबंधन, पर्व-त्योहारों की सुरक्षा, अति विशिष्ट महानुभावों के आगमन और लोकतंत्र के पर्व चुनावों में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2001 में संसद पर हुए कायराना आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में उस समय तैनात 30वीं वाहिनी पीएसी के जवानों की भूमिका देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने बताया कि सरकार ने बंद पड़ी पीएसी की 46 कंपनियों को पुनर्जीवित किया है और बल को अत्याधुनिक हथियारों व दंगा नियंत्रण के आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है।

सीएम योगी ने बताया कि वर्तमान सरकार में पीएसी बल में 41,893 आरक्षियों के साथ ही प्लाटून कमांडरों की भर्ती की जा चुकी है। वहीं सीधी भर्ती के अंतर्गत 15 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही तीन महिला बटालियन की स्थापना की गई है, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) भी आपदा के समय प्रभावी योगदान दे रहा है। पहली बार 480 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती की गई है, जबकि 768 पदों पर भर्ती व अधियाचन की प्रक्रिया प्रचलित है। 2024 में पुलिस स्मृति दिवस पर खेल बजट को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते आठ वर्षों में प्रदेश में 2 लाख 19 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गई है। आज पुलिस बल में 44 हजार से अधिक महिला कार्मिक सेवाएं दे रही हैं। जर्जर भवनों की जगह अब हाईराइज आधुनिक पुलिस भवन बन रहे हैं। मॉडर्न पुलिसिंग, साइबर थाना और साइबर सेल आज यूपी पुलिस की पहचान बन चुके हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अत्याधुनिक एफएसएल लैब्स तैयार हो चुकी हैं और 17 नगर निगमों में सेफ सिटी का लक्ष्य प्राप्त किया गया है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो आत्मविश्वास दिखाई देता है, उसके पीछे कानून का राज सबसे बड़ा कारण है।

कार्यक्रम में पीएसी जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वंदे मातरम् के सामूहिक गायन ने माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। मुख्यमंत्री ने बैंड टीम की सराहना करते हुए कहा कि वंदे मातरम् ने आज़ादी के समय युवाओं में जोश और प्रेरणा भरी थी।

अंत में मुख्यमंत्री ने जवानों से कहा कि साहस, अनुशासन और कठिन प्रशिक्षण ही उनकी पहचान है। सरकार हर परिस्थिति में उनके सम्मान, सुरक्षा और संसाधनों के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी।

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