यूपी सरकार के भीतर बढ़ी तल्ख़ी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक असहज करने वाला दृश्य सामने आया है। योगी आदित्यनाथ सरकार के दो मंत्रियों के बीच चल रही तीखी तकरार ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख व मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बीच जुबानी जंग अब खुले मंचों और मीडिया तक पहुंच चुकी है।
मंच से लेकर मीडिया तक बयानबाज़ी
दोनों नेता एक-दूसरे पर लगातार निशाना साध रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला इतना आगे बढ़ गया कि कुछ मौकों पर मंच से अपशब्दों तक का इस्तेमाल किया गया। यूपी की सियासत में सत्ताधारी दल के भीतर इस तरह की सार्वजनिक बयानबाज़ी को असामान्य माना जा रहा है, यही वजह है कि मामला चर्चा के केंद्र में है।
कौन हैं दोनों मंत्री
इस विवाद में एक ओर भाजपा से जुड़े कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर हैं, वहीं दूसरी ओर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, जिनकी पार्टी एनडीए की सहयोगी है और वह भी सरकार में मंत्री हैं। दोनों का ताल्लुक एक ही क्षेत्र से है और राजनीतिक रूप से लंबे समय से आमने-सामने रहे हैं।
विवाद की जड़ क्या है
दरअसल, यह टकराव नया नहीं है। दोनों नेता खुद को राजभर समुदाय का बड़ा नेता मानते हैं। इसी राजनीतिक दावे को लेकर पहले भी इनके बीच मतभेद सामने आते रहे हैं। लेकिन इस बार मामला निजी आरोपों और सार्वजनिक तंज तक पहुंच गया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
यूपी की राजनीति में असर
योगी सरकार में शामिल दो मंत्रियों का इस तरह खुलकर भिड़ना विपक्ष को भी सवाल उठाने का मौका दे रहा है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने बयानों पर कायम हैं और सियासी बयानबाज़ी थमने के आसार नजर नहीं आ रहे।





