उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक निजी अस्पताल में हुई गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही ने स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ठाकुरगंज स्थित एरा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक महिला मरीज की सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने पेट में ही सर्जिकल औजार छोड़ दिया। इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने अस्पताल के 13 डॉक्टरों और दो मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता रूपा शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, एरा अस्पताल में उनकी सर्जरी हुई थी। ऑपरेशन के बाद ठीक होने की जगह पेट में तेज दर्द और असहजता बढ़ने लगी। जब उन्होंने अस्पताल जाकर शिकायत की, तो डॉक्टरों और प्रशासन ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और नजरअंदाज कर दिया।
परेशान होकर रूपा शर्मा दूसरे अस्पताल पहुंचीं, जहां जांच और एक्स-रे में पता चला कि उनके पेट के अंदर सर्जिकल औजार मौजूद है। दूसरे अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन कर औजार निकाला। इस लापरवाही से पीड़िता को लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक कष्ट झेलना पड़ा।
शिकायत मिलने के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने ठाकुरगंज पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 13 डॉक्टरों और अस्पताल के दो मालिकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
यह घटना स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती लापरवाही के मामलों को उजागर करती है, जहां मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्जरी के दौरान औजारों की गिनती और चेकिंग की सख्त प्रक्रिया का पालन न करने से ऐसे हादसे होते हैं।





