हाथरस के सरकारी स्कूल में बड़ा विवाद: हिंदू बच्चों को नमाज़ पढ़ाने का आरोप, प्रधानाध्यापक निलंबित

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उत्तर प्रदेश के Hathras जिले से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर आरोप है कि वे स्कूल में हिंदू छात्रों को नमाज़ पढ़वा रहे थे और धर्म विशेष से जुड़ी गतिविधियों में शामिल कर रहे थे। मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला

हाथरस के प्राथमिक विद्यालय नौहझील में तैनात प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद पर आरोप है कि वे विद्यालय में पढ़ने वाले हिंदू बच्चों को नमाज़ पढ़वाते थे। इसके साथ ही उन पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वे कक्षा के दौरान धर्म विशेष के पक्ष में बातें करते थे और अन्य धर्मों के प्रति नकारात्मक टिप्पणी करते थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि स्कूल में नियमित रूप से राष्ट्रगान का आयोजन नहीं कराया जा रहा था।

BJP नेता ने की औपचारिक शिकायत

इस पूरे मामले की लिखित शिकायत एक Bharatiya Janata Party नेता द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सरकारी स्कूल में शिक्षा के बजाय बच्चों के कथित तौर पर धार्मिक विचारों को प्रभावित किया जा रहा है, जो न केवल शिक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के भी खिलाफ है।

प्राथमिक जांच के बाद निलंबन

शिकायत मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले की प्राथमिक जांच कराई। जांच में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें प्राथमिक विद्यालय नगला हुमायूं, मांट से सम्बद्ध किया गया है।
जांच समिति गठित, विस्तृत जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग की ओर से एक जांच समिति का गठन भी कर दिया गया है। यह समिति विद्यालय में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगी, छात्रों, अभिभावकों और स्टाफ के बयान दर्ज करेगी और अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

शिक्षा विभाग का पक्ष

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विद्यालयों में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संवेदनशील मामला, सबकी निगाहें जांच पर

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और निष्पक्ष वातावरण को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। फिलहाल, प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन पूरे मामले में अंतिम फैसला जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

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