माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रोका गया, शिष्यों से पुलिस की धक्का-मुक्की!

प्रयागराज माघ मेले में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। बताया जा रहा है कि भीड़ अधिक होने के कारण पुलिस ने शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल चलने का आग्रह किया था, लेकिन उनके शिष्य इस बात पर राज़ी नहीं हुए और आगे बढ़ने लगे।

इसी दौरान पुलिस और शिष्यों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों से भी झड़प हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कुछ शिष्यों को दौड़ाकर पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया।

शिष्यों की रिहाई पर अड़े शंकराचार्य
शिष्यों की गिरफ्तारी के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें छुड़वाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि संतों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है।

शंकराचार्य ने कहा,

“बड़े-बड़े अधिकारी हमारे संतों को मार रहे थे। पहले तो हम लौट रहे थे, लेकिन अब स्नान करेंगे और कहीं नहीं जाएंगे। वे हमें रोक नहीं पाएंगे। ऊपर से आदेश होगा कि हमें परेशान किया जाए। यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है। जब महाकुंभ में भगदड़ मची थी, तब मैंने सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। अब उसी का बदला लिया जा रहा है।”

मौनी अमावस्या पर उमड़ी भारी भीड़
गौरतलब है कि आज मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। प्रशासन के अनुसार सुबह 9 बजे तक करीब 1.5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके थे, जबकि पूरे दिन में यह संख्या 3 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

मेला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

  • AI, CCTV और ड्रोन से निगरानी
  • 800 हेक्टेयर में फैला मेला क्षेत्र
  • 7 सेक्टरों में विभाजन
  • लगभग 8 किलोमीटर में अस्थायी घाटों का निर्माण

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि शंकराचार्य और प्रशासन के बीच तनातनी बनी हुई है।

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