माघ मेला 2026: साधु-संतों ने जताई सुरक्षा की चिंता, 150 से ज्यादा बाबाओं ने मांगे गनर

माघ मेला क्षेत्र में डेरा जमाए साधु-संतों ने खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही है। दुनिया की मोह-माया त्यागकर संन्यास धारण करने वाले करीब 150 से अधिक संतों ने जान-माल के खतरे का हवाला देकर मेला प्रशासन से व्यक्तिगत गनर की मांग की है। इन संतों ने मेला पुलिस अधीक्षक को आवेदन पत्र सौंपे हैं।

मेला पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, इन आवेदनों में बताए गए खतरों की गुप्त तरीके से जांच कराई जा रही है। यह काम स्थानीय खुफिया यूनिट (एलआईयू) को सौंपा गया है। जांच में वास्तविक खतरा पाए जाने पर ही सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। अब तक की रिपोर्ट के आधार पर लगभग 90 साधु-संतों को व्यक्तिगत गनर उपलब्ध कराए जा चुके हैं। बाकी आवेदनों पर जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

इसके अलावा, मेला क्षेत्र में 65 से ज्यादा अखाड़ों और शिविरों की सामान्य सुरक्षा के लिए होमगार्ड जवानों की तैनाती पहले से की गई है।

मेला क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा इंतजाम

माघ मेला 2026 को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया है। इनमें शामिल हैं:

  • 7 अपर पुलिस अधीक्षक, 14 सर्किल ऑफिसर, 29 इंस्पेक्टर, 221 दरोगा और 15 महिला दरोगा।
  • 1593 सिपाही, 136 महिला सिपाही।
  • पीएसी की 5 बाढ़ राहत कंपनियां और 7 कानून-व्यवस्था कंपनियां।
  • एनडीआरएफ की 2 टीमें, एसडीआरएफ की 1 टीम, आरएएफ की 2 कंपनियां (मेला अवधि के लिए 4 कंपनियां)।
  • आंतरिक सुरक्षा के लिए 6 बीडीडीएस टीमें, 2 एटीएस चेकिंग टीमें और 78 एलआईयू कर्मी।
  • यातायात व्यवस्था के लिए 4 इंस्पेक्टर, 38 दरोगा, 381 मुख्य आरक्षी, 1088 होमगार्ड और 304 पीआरडी जवान।

निगरानी के लिए शहर सहित मेला क्षेत्र में 1552 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 400 केवल मेला क्षेत्र में हैं। एक केंद्रीय कंट्रोल रूम, 16 महिला हेल्प डेस्क, 17 साइबर हेल्प डेस्क, 761 अग्निशमन कर्मी और 20 वॉच टावर भी स्थापित किए गए हैं।

मेला एसपी नीरज कुमार पांडेय ने कहा, “60 से अधिक शिविरों में होमगार्ड तैनात हैं और करीब 90 संतों को गनर दिए जा चुके हैं। बाकी मामलों में जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार सुरक्षा दी जाएगी।”

[acf_sponsor]