लखनऊ नगर निगम ने 52 दुकानों को सील किया, 24 लाख रुपए हाउस टैक्स बकाया I

लखनऊ नगर निगम ने बकाया हाउस टैक्स की वसूली के लिए जोन-7 में कड़ा कदम उठाया। बुधवार को कुल 52 कामर्शियल दुकानों को सील कर दिया गया, जिन पर कुल 24 लाख रुपए से अधिक का हाउस टैक्स बकाया था।

नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर जोनल अधिकारी रामेश्वर प्रसाद और उनकी टीम ने यह कार्रवाई की। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम नियमों के अनुरूप लिया गया है और टैक्स की अदायगी में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

साईं मार्केट में 33 दुकानों पर कार्रवाई

बीबीडी कॉलेज के सामने स्थित साईं मार्केट में 33 दुकानों पर कुल लगभग 14 लाख रुपए का बकाया था। इन दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न करने वाले व्यापारियों के खिलाफ यह कदम अनिवार्य था।

साईं मार्केट के दुकानदारों ने भी कहा कि उन्हें समय पर नोटिस मिला था, लेकिन बकाया राशि जमा न कर पाने के कारण दुकानों को सील किया गया।

अन्य क्षेत्रों में 19 दुकानों पर कार्रवाई

जोन-7 के अन्य इलाकों जैसे कैलाश कुंज ब्लॉक-ए, इंदिरा नगर, कंचना बिहारी मार्ग और कल्याणपुर में 19 और दुकानों पर कार्रवाई की गई। इन दुकानों पर कुल 10 लाख रुपए से अधिक का बकाया था।

नगर निगम ने बताया कि यह कार्रवाई सभी क्षेत्रों में समान रूप से की गई और किसी को छूट नहीं दी गई। जोनल अधिकारी रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि बकाया राशि जमा न करने वाले व्यापारियों और संपत्ति मालिकों को भविष्य में और सख्ती का सामना करना पड़ सकता है।

नगर निगम की चेतावनी और अपील

नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी कार्रवाई नियमों के अनुरूप है। बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद भुगतान न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

जोनल अधिकारी रामेश्वर प्रसाद ने अपील की कि व्यापारी और संपत्ति मालिक समय पर बकाया जमा करें, ताकि उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ नियम का पालन सुनिश्चित करना है। जो लोग समय पर हाउस टैक्स का भुगतान करेंगे, उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।”

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

नगर निगम की यह कार्रवाई व्यापारियों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए सुनावनी का संदेश है। नगर निगम ने यह स्पष्ट किया कि बकाया हाउस टैक्स वसूली को लेकर किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सख्ती स्थानीय प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही यह नगर निगम की राजस्व वसूली क्षमता को भी मजबूत करती है।

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