लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचीं। इस दौरान हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे और संस्थान पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपर्णा यादव को तलब किया है।
बिना सूचना के 200 समर्थकों संग पहुंचीं अपर्णा, पुलिस बुलानी पड़ी
KGMU प्रशासन का आरोप है कि अपर्णा यादव बिना किसी पूर्व सूचना के लगभग 200 समर्थकों के साथ वाइस चांसलर (VC) से मिलने पहुंची थीं। भीड़ और नारेबाजी के कारण परिसर में तनाव फैल गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की मदद लेनी पड़ी। केजीएमयू के चीफ प्रॉक्टर ने इस हंगामे को लेकर चौक कोतवाली में अपर्णा यादव के खिलाफ लिखित शिकायत (तहरीर) भी दर्ज कराई है।
‘KGMU बन गया है धर्मांतरण का अड्डा’ – अपर्णा यादव के तीखे वार
हंगामे के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर्णा यादव ने मेडिकल यूनिवर्सिटी पर सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
- धर्मांतरण का आरोप: संस्थान में धर्मांतरण का खेल चल रहा है और केजीएमयू ‘धर्मांतरण का अड्डा’ बनता जा रहा है।
- छेड़छाड़ की घटनाएं: महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के मामलों पर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
- अवैध ब्लड बैंक: पिछले दो वर्षों से संस्थान में बिना वैध लाइसेंस के ब्लड बैंक संचालित हो रहा है।
एक्शन में सीएम योगी और राजभवन
इस पूरे विवाद के बाद यूपी की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है:
- सीएम का बुलावा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर शाम अपर्णा यादव को बुलाकर इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।
- राज्यपाल से गुहार: KGMU के कुलपति डॉ. नित्यानंद सोनिया ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने के लिए राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है।
- डॉक्टरों में नाराजगी: घटना के विरोध में केजीएमयू के डॉक्टरों ने बड़ी बैठक की और संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई इस मुलाकात के बाद अपर्णा यादव के तेवर क्या रहते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कानूनी कदम उठाता है।




